काराकस, वेनेजुएला: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस और आसपास के क्षेत्रों में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मैं अत्यंत दुखी हूं।" उन्होंने कहा, "भारत की जनता की ओर से मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों, विशेष रूप से अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं और इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।"

कई इमारतें क्षतिग्रस्त और ढह गईं, देश में आपातकाल घोषित

प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब बुधवार शाम वेनेजुएला की राजधानी काराकस के निकट एक ही क्षेत्र में दो शक्तिशाली भूकंप आए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इन झटकों के कारण कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कुछ ढह भी गईं।

इस बीच, कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। उन्होंने बताया कि भूकंप में लोगों की मौत हुई है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। हालांकि उन्होंने मृतकों की सटीक संख्या नहीं बताई। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, आपातकालीन टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का, दूसरा भूकंप 7.5 तीव्रता का था

USGS के मुताबिक, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जिसका केंद्र सान फेलिपे के पास था। इसके कुछ ही समय बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप युमारे क्षेत्र के निकट आया। दोनों स्थान काराकस से लगभग 280-290 किलोमीटर पश्चिम में स्थित हैं। USGS ने चेतावनी दी है कि इस आपदा में भारी जनहानि और व्यापक नुकसान की आशंका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार मृतकों की संख्या 10,000 से 1,00,000 के बीच हो सकती है।