Lucknow: व्यापार, उद्यमिता और जनसेवा की प्रेरणादायी परंपरा को सम्मान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 29 जून को दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन जनसहभागिता के साथ किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापारियों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ युवाओं को दान, सेवा और राष्ट्रहित के मूल्यों से जोड़ना है।
योगी सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी जनपदों और तहसीलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के सहयोग से कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इस अवसर पर ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों की प्रदर्शनियां और बिक्री स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उद्यमियों, व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित करने का अवसर भी मिलेगा।
लगाई जाएगी प्रदर्शनी:
कार्यक्रमों में महान दानवीर भामाशाह के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को भामाशाह के त्याग, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण की भावना से परिचित कराया जाएगा। संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक अभिलेख और सामग्री जनपदों को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन:
इस कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन होगा। संगीत-नाटक और स्थानीय लोककलाओं के माध्यम से भामाशाह के जीवन और उनके आदर्शों को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही चित्रकला, निबंध, प्रश्नोत्तरी और अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ‘भामाशाह पुरस्कार’ भी प्रदान किए जाएंगे, जिनकी चयन और पुरस्कार वितरण प्रक्रिया राज्य कर विभाग द्वारा संपन्न कराई जाएगी।
सक्रिय भागीदारी की अपील:
सरकार ने व्यापारिक संगठनों, व्यापारी कल्याण मंडलों और उद्योग जगत से भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रदेशभर के व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों, फर्मों और कंपनियों में ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ मनाएंगे। इस अवसर पर बैनर, होर्डिंग्स और जागरूकता संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देते हुए व्यापारी स्वेच्छा से मिष्ठान, शर्बत और फल आदि का वितरण भी करेंगे।
समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण:
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि दानवीर भामाशाह महाराणा प्रताप के घनिष्ठ सहयोगी, मित्र और विश्वस्त सलाहकार थे। जब महाराणा प्रताप कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दी थी। उनका यह त्याग भारतीय इतिहास में दान, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण माना जाता है। ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार उनके आदर्शों को समाज, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
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