पश्चिम एशिया संकट पर एक्शन मोड में सरकार, राजनाथ सिंह ने संभाली कमान
नई दिल्ली, भारत: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर नजर रखने के लिए गठित अनौपचारिक सशक्त मंत्री समूह (आईजीओएम) की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात की समीक्षा और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी।
इससे पहले रविवार को नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में वैश्विक तनाव के बीच आर्थिक मजबूती के लिए देशवासियों से सामूहिक प्रयास करने की अपील की थी। वैश्विक सप्लाई चेन में व्यवधान और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती लागत के बीच प्रधानमंत्री ने मौजूदा संकट को सिर्फ सरकार की चुनौती नहीं, बल्कि देश के चरित्र की परीक्षा बताया।
देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, “देशभक्ति सिर्फ सीमा पर जान देने तक सीमित नहीं है। आज के समय में जिम्मेदारी से जीवन जीना और रोजमर्रा के जीवन में राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाना भी देशभक्ति है।” प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को “आर्थिक आत्मरक्षा” की रणनीति के तौर पर देखा गया, जिसमें उन्होंने नागरिकों से देश की आर्थिक स्थिति मजबूत रखने के लिए अपनी उपभोग की आदतों में बदलाव लाने का आग्रह किया।
लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल की अपील
ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, कार-पूलिंग अपनाने, माल ढुलाई के लिए रेलवे को प्राथमिकता देने और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की। कोविड-19 के दौरान वर्चुअल सिस्टम की सफलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने वर्क फ्रॉम होम और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को फिर से बढ़ावा देने की बात कही, ताकि देश का कार्बन फुटप्रिंट और ऊर्जा खर्च कम हो सके।
विदेशी छुट्टियों और डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की अपील
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेशी छुट्टियों और डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की अपील की। उन्होंने घरेलू पर्यटन और भारत में ही समारोह आयोजित करने को प्रोत्साहित किया। साथ ही विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया।
पीएम ने ‘मेक इन इंडिया’. स्वदेशी उत्पादों को दी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ‘मेक इन इंडिया’ और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की भी अपील की। प्रधानमंत्री ने खाने के तेल की खपत कम करने की सलाह देते हुए कहा कि इससे देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की सेहत दोनों को फायदा होगा। किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में 50 प्रतिशत कटौती की अपील की। उन्होंने किसानों को पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की लड़ाई का अग्रिम योद्धा बताया।
भारत की असली ताकत देशवासियों के प्रयासों में है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, भारत की असली ताकत उसके 140 करोड़ लोगों के छोटे-छोटे प्रयासों में छिपी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के विकास की अगली कहानी केवल नीतियों से नहीं, बल्कि पेट्रोल पंप, ज्वेलरी दुकान और खाने की मेज पर लिए जाने वाले फैसलों से लिखी जाएगी।