Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव से CJI की हल्की-फुल्की बातचीत, बोले- ‘अच्छी फिल्म बनाइए’

Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: सात चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से फिल्म बनाने को लेकर हल्के अंदाज में सवाल किया। अदालत ने अभिनेता को 1.15 करोड़ रुपये जमा करने और बाकी 85 लाख रुपये सोमवार तक जमा करने का निर्देश दिया।

By  Laxman October 7th 2026 03:18 PM

नई दिल्ली: अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के दौरान बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कुछ हल्का-फुल्का माहौल भी देखने को मिला। सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने अभिनेता से उनके फिल्मी करियर को लेकर सवाल किया और मजाकिया अंदाज में कहा कि “अच्छी सी फिल्म बनाइए, यहां कई एडवोकेट अच्छे एक्टर हैं।”

यह टिप्पणी उस समय सामने आई जब अदालत में राजपाल यादव से बकाया रकम जमा करने को लेकर सवाल-जवाब हो रहे थे। अभिनेता को पहले 1.15 करोड़ रुपये जमा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय तक यह राशि जमा नहीं होने पर अदालत ने उनसे स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

राजपाल यादव ने बताई आर्थिक परेशानी

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि उनके पास फिलहाल पर्याप्त रकम नहीं है। उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से हुए आर्थिक नुकसान का भी जिक्र किया।

अभिनेता के मुताबिक इस फिल्म में उनकी बड़ी रकम फंस गई थी और फिल्म को अपेक्षित व्यावसायिक सफलता नहीं मिली। उन्होंने अदालत के सामने कहा कि फिल्म से उन्हें कोई कमाई नहीं हुई और वह सिनेमाघरों में भी अपेक्षित तरीके से नहीं चल पाई।

राजपाल यादव ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने करियर में बड़ी संख्या में फिल्मों में काम किया है, लेकिन इस फिल्म में हुए नुकसान का असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ा।

इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने उनसे पूछा कि क्या वह इन दिनों कोई फिल्म या सीरियल बना रहे हैं। बातचीत के इसी क्रम में CJI ने हल्के अंदाज में कहा कि उन्हें कोई अच्छी फिल्म बनानी चाहिए और अदालत में मौजूद कुछ वकीलों को भी अच्छे अभिनेता बताया।

1.15 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश

मामले की सुनवाई का मुख्य मुद्दा हालांकि बकाया रकम का भुगतान था। पिछली सुनवाई में राजपाल यादव की ओर से 1.15 करोड़ रुपये जमा करने की बात कही गई थी, लेकिन अदालत को बताया गया कि यह भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अब उन्हें 1.15 करोड़ रुपये जमा करने को कहा है। इसके अलावा शेष 85 लाख रुपये RTGS के जरिए सोमवार तक जमा करने का समय दिया गया है।

राजपाल यादव ने अदालत से कहा कि वह अदालत के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति फिलहाल मुश्किल है। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़ी भारी आर्थिक क्षति के कारण उनके पास अब पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है।

2010 की फिल्म से कैसे जुड़ा चेक बाउंस विवाद?

यह पूरा मामला राजपाल यादव की वर्ष 2010 में बनाई गई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिल्म निर्माण के लिए उन्होंने दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद ली थी।

फिल्म 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बाद रकम लौटाने के लिए दिए गए सात चेक कथित तौर पर बाउंस हो गए।

बाद में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें ब्याज सहित करीब 11 करोड़ रुपये के भुगतान की बात सामने आई। विवाद आगे बढ़ने के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।

ट्रायल कोर्ट से हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला

इस मामले में वर्ष 2018 में ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया था। इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2026 में हाई कोर्ट ने उनकी तीन महीने की सजा को बरकरार रखा।

फरवरी 2026 में राजपाल यादव को तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा था। बाद में 1.5 करोड़ रुपये जमा किए जाने के बाद उन्हें राहत मिली थी।

अब सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही में बकाया रकम जमा करने को लेकर अदालत ने स्पष्ट समयसीमा तय की है। अगली कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि अभिनेता अदालत द्वारा निर्धारित भुगतान की शर्तों का कितना पालन करते हैं।

फिलहाल सुनवाई के दौरान CJI की फिल्म से जुड़ी टिप्पणी चर्चा में है, लेकिन मामले का मूल मुद्दा चेक बाउंस से जुड़ी वित्तीय देनदारी और अदालत के निर्देशों का पालन है।

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