श्रीनगर एयरपोर्ट पर रनवे मेंटेनेंस का असर: जुलाई से आंशिक बंदी, 1-16 अक्टूबर तक ठप रहेंगी उड़ानें
श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भारतीय वायुसेना द्वारा प्रस्तावित रनवे रखरखाव कार्य का कार्यक्रम जारी किया है, जिससे जुलाई 2026 से उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक हर सोमवार और मंगलवार को श्रीनगर एयरपोर्ट का रनवे उपलब्ध नहीं रहेगा। इसके अलावा 1 अक्टूबर 2026 से 16 अक्टूबर 2026 तक रनवे संचालन पूरी तरह बंद रखने का प्रस्ताव है।
श्रीनगर एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे प्रमाणिक और समय पर जानकारी के लिए एयरपोर्ट तथा संबंधित एयरलाइंस के आधिकारिक माध्यमों से जुड़े रहें और अपुष्ट स्रोतों पर भरोसा न करें। एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक एडवाइजरी में कहा कि यह योजना फिलहाल प्रस्तावित चरण में है। औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक चैनलों के माध्यम से साझा की जाएगी।
विमानों के पेलोड पर भी सीमाएं लगाई गईं
इस बीच, श्रीनगर एयरपोर्ट के लिए जारी नोटम (नोटिस टू एयरमेन) और रनवे रखरखाव के कारण अस्थायी रनवे लंबाई प्रतिबंध लागू हैं। उड़ान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमानों के पेलोड (भार क्षमता) पर भी सीमाएं लगाई गई हैं।
हज यात्रियों की वापसी यात्रा को प्रभावित होने से बचाने के लिए अकासा एयर द्वारा संचालित उड़ानों को अहमदाबाद के रास्ते श्रीनगर लाने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को अहमदाबाद तक 35 किलोग्राम चेक-इन सामान ले जाने की अनुमति होगी। इसके बाद अहमदाबाद से श्रीनगर की उड़ान में केवल 5 किलोग्राम चेक-इन सामान ले जाया जाएगा, जबकि शेष 30 किलोग्राम सामान सड़क मार्ग से श्रीनगर पहुंचाया जाएगा। केबिन बैगेज नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जम्मू-कश्मीर राज्य हज समिति लगातार समन्वय बनाए हुए हैं
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, ये व्यवस्थाएं केवल एयरपोर्ट संचालन संबंधी बाधाओं और विमानन सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर की गई हैं। मंत्रालय, हज समिति ऑफ इंडिया और जम्मू-कश्मीर राज्य हज समिति सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि हज यात्रियों की सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित की जा सके।