सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल: पीएम मोदी बोले- आतंकवाद के खिलाफ भारत का जवाब हमेशा निर्णायक होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने से पहले 2016 की कार्रवाई को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक रुख अपनाया है। पीएम ने जनगणना में नागरिकों की भागीदारी पर भी जोर दिया।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और निर्णायक कार्रवाई का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में स्पष्ट संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 की रात भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। उन्होंने इसे भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस कार्रवाई ने दुनिया के सामने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को स्पष्ट किया।
10 साल पहले हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक
पीएम मोदी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को अब 10 साल पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पार करके आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की और यह भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के कारण भारत लंबे समय से झेल रहे नुकसान के जवाब के तौर पर की गई थी। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ और निर्णायक प्रतिक्रिया को दुनिया के सामने रखा।
उरी हमले के बाद हुई थी कार्रवाई
29 सितंबर 2016 को की गई सर्जिकल स्ट्राइक को उरी आतंकी हमले के बाद की गई कार्रवाई के रूप में देखा जाता है। भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा के पार मौजूद आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई के बाद भारत की सुरक्षा नीति में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ पूर्व-emptive और प्रतिरोध आधारित दृष्टिकोण की चर्चा तेज हुई।
बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 2019 के बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कई मौकों पर अपना रुख स्पष्ट किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि यदि आतंकवादी भारत पर बुरी नजर डालने की कोशिश करेंगे तो उन्हें उसका उचित जवाब दिया जाएगा। यह बयान आतंकवाद के खिलाफ भारत की मौजूदा सुरक्षा नीति को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री इससे पहले संसद में भी सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट हवाई कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख कर चुके हैं।
जनगणना में हर नागरिक की भूमिका
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने आगामी जनगणना का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। सरकार के अनुसार, जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़े दर्ज किए जाएंगे। सरकार ने बताया है कि करीब 30 लाख क्षेत्रीय कर्मचारी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की और कहा कि नागरिकों की ओर से दी गई जानकारी सुरक्षित और गोपनीय रखी जाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर जोर
सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री का संदेश भारत की आतंकवाद विरोधी नीति पर केंद्रित रहा। 2016 की कार्रवाई के बाद बालाकोट हवाई हमले और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया को स्पष्ट और निर्णायक रखा है।