सज्जन कुमार के निधन के बाद पंजाब में सियासी संग्राम, AAP ने तरुण चुघ के घर के बाहर किया प्रदर्शन
अमृतसर में AAP कार्यकर्ताओं ने भाजपा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने 1984 सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी सज्जन कुमार के घर भाजपा नेताओं के पहुंचने पर सवाल उठाए। पुलिस ने कानून-व्यवस्था के लिए भारी सुरक्षा तैनात की।
अमृतसर, पंजाब: 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर पहुंचकर कथित तौर पर शोक व्यक्त करने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने मंगलवार को अमृतसर में विरोध प्रदर्शन किया। AAP कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने भाजपा नेताओं के सज्जन कुमार के आवास पर पहुंचने को लेकर सवाल उठाते हुए इसे सिख समुदाय की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता बताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे AAP विधायक अजय गुप्ता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए 1984 के दंगा पीड़ितों को लेकर पार्टी के रुख पर स्पष्टीकरण मांगा।उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का सज्जन कुमार के आवास पर जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा धर्म और वोट बैंक की राजनीति करती है और पंजाब के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि AAP पूरे पंजाब में भाजपा का कथित “असली चेहरा” जनता के सामने लाएगी और यह सवाल उठाएगी कि भाजपा सिख समुदाय के साथ खड़ी है या 1984 के दंगों में दोषी ठहराए गए लोगों के साथ।
20 अगस्त को हुआ था सज्जन कुमार का निधन
सज्जन कुमार का 20 अगस्त को निधन हुआ था। वह 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में दोषी ठहराए गए थे। उनके निधन के बाद कुछ भाजपा नेताओं के उनके आवास पर पहुंचने को लेकर पंजाब में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। AAP ने इसी मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला तेज किया और अमृतसर में प्रदर्शन किया।
तरुण चुघ के आवास पर सुरक्षा बढ़ाई गई
प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब पुलिस ने भाजपा सांसद तरुण चुघ के आवास के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किया। ADCP हरपाल सिंह ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी DCP (Law and Order) के स्तर पर की जा रही थी। इसके अलावा तीन SP, तीन ADCP, चार ACP और करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
हिंसा की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी
ADCP हरपाल सिंह ने कहा कि यदि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई तो पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रदर्शन के कारण तरुण चुघ के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई और पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।