पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की पुण्यतिथि पर उनके पोते और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने राज्य के मौजूदा राजनीतिक माहौल को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने अपने दादा को याद करते हुए कहा कि पंजाब में शांति और सद्भाव के लिए बेअंत सिंह का बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
इस मौके पर बिट्टू ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी दोहराया। हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ‘बंदी सिखों’ की पैरोल और रिहाई से लेकर आतंकवाद से जुड़े पुराने मामलों तक कई मुद्दों पर विपक्षी दलों और राज्य की राजनीति पर निशाना साधा।
बिट्टू ने कहा कि अक्सर लोग किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी निंदा या प्रशंसा करते हैं, लेकिन जिन लोगों ने आतंकवाद के दौर में कानून-व्यवस्था संभालने में भूमिका निभाई, उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ। उन्होंने पूर्व पुलिस अधिकारी केपीएस गिल का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि उनके कार्यकाल के बाद भी उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
‘कमजोर को डराया जाता है’
बीजेपी नेता ने पंजाब के पुराने आतंकवाद के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई पुलिस अधिकारियों और नेताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई थी। उन्होंने दावा किया कि शांति और सद्भाव की बात करने वाले कमजोर नेताओं को निशाना बनाए जाने का खतरा हमेशा बना रहता है।
बिट्टू ने कहा कि उन्होंने पंजाब में ऐसे हालात देखे हैं और वह किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उनकी टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब पंजाब में ‘बंदी सिखों’ की रिहाई और पैरोल को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
उन्होंने कहा कि कानून के तहत जिन्हें सजा मिली है, उनके मामलों का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को अपनी सजा या मामले में राहत चाहिए तो उसे अदालत का रास्ता अपनाना चाहिए।
#WATCH | Chandigarh: On former Punjab Chief Minister Beant Singh's death anniversary, BJP leader and his grandson, Ravneet Singh Bittu, says, "...People speak up only after someone has died; they offer condemnation only then. Sardar Beant Singh is not here today; they talk about… pic.twitter.com/nWVizP4sci
— ANI (@ANI) August 31, 2026
हवारा और अन्य मामलों का भी किया जिक्र
बिट्टू ने बातचीत के दौरान जगतार सिंह हवारा और पंजाब से जुड़े पुराने आतंकी मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों पर गंभीर अपराधों के आरोप या सजा है, उनकी रिहाई की मांग करने से पहले उन मामलों में हुई हिंसा और जानमाल के नुकसान पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा समेत अन्य आरोपियों का भी जिक्र किया और कहा कि अलग-अलग मामलों में दोष और सजा की स्थिति अलग हो सकती है। उनका कहना था कि किसी भी मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए।
बिट्टू ने इस दौरान कांग्रेस समेत उन राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा, जो बंदी सिखों की रिहाई या अमृतपाल सिंह की रिहाई का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि राजनीतिक दल ऐसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठा रहे हैं, तो फिर पंजाब की सुरक्षा और उन लोगों के हितों की चिंता कौन करेगा जिन्होंने आतंकवाद का दौर झेला है।
‘हमने अपनी जान देने का ठेका लिया हुआ है’
अपनी बात रखते हुए रवनीत बिट्टू ने कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल एक दिशा में खड़े हो जाएं और कोई भी शांति-सुरक्षा के सवाल पर बोलने को तैयार न हो, तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर भी सवाल उठता है कि आखिर उनके जैसे लोग ही क्यों लगातार ऐसे मुद्दों पर अपनी बात रखें। इसी संदर्भ में उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “हमने ही अपनी जान देने का ठेका लिया हुआ है।”
बिट्टू की यह टिप्पणी उनके दादा बेअंत सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर सामने आई है। उन्होंने बेअंत सिंह के बलिदान को पंजाब में शांति और सामाजिक सद्भाव से जोड़ते हुए कहा कि राज्य को दोबारा हिंसा और कट्टरता के दौर में जाने से रोकना जरूरी है।
नशामुक्त पंजाब का भी लिया संकल्प
बिट्टू ने इस मौके पर पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या को लेकर भी बात की। उन्होंने राज्य को नशामुक्त बनाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
पंजाब की राजनीति में नशा, कानून-व्यवस्था, बंदी सिखों की रिहाई और अमृतपाल सिंह जैसे मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं। ऐसे में बेअंत सिंह की पुण्यतिथि पर बिट्टू की टिप्पणियों ने इन मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, उनके बयानों में लगाए गए राजनीतिक आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के साथ ही पूरी तस्वीर में देखा जाना चाहिए। फिलहाल बिट्टू ने साफ संकेत दिया है कि वह पंजाब में सुरक्षा, आतंकवाद के पुराने दौर और नशे जैसे मुद्दों पर अपनी पार्टी की तरफ से मुखर रुख जारी रखेंगे।
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