नौकरी बदलने के बाद अगर आप अपने EPF (Employees' Provident Fund) खाते से पैसा निकालने या उसे नई कंपनी के PF अकाउंट में ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहे हैं और क्लेम बार-बार अटक रहा है, तो इसकी एक वजह आपकी Joining Date या Exit Date भी हो सकती है। कई कर्मचारियों को इस बात की जानकारी ही नहीं होती कि EPFO रिकॉर्ड में दर्ज नौकरी की तारीखें उनके PF से जुड़े कई कामों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
कई मामलों में कंपनी कर्मचारी की नौकरी छोड़ने की तारीख यानी Exit Date अपडेट करना भूल जाती है। वहीं कभी-कभी रिकॉर्ड में गलत तारीख दर्ज हो जाती है। ऐसी स्थिति में EPFO की Service History और दूसरे रिकॉर्ड में जानकारी मेल नहीं खाती, जिससे PF Transfer या Claim Process में परेशानी आ सकती है।
नौकरी बदलते समय Service History जरूर चेक करें
जब कोई कर्मचारी पुरानी नौकरी छोड़कर दूसरी कंपनी ज्वाइन करता है, तो वह अक्सर नई नौकरी और वेतन से जुड़ी चीजों पर ध्यान देता है। PF खाते में पुरानी कंपनी की जानकारी सही तरीके से अपडेट हुई है या नहीं, इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।
यही बाद में परेशानी की वजह बन सकता है।कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के बाद अपने EPFO Member Portal पर जाकर Service History देखनी चाहिए। यहां अलग-अलग कंपनियों के साथ जुड़ने और नौकरी छोड़ने से संबंधित तारीखों की जानकारी देखी जा सकती है।
अगर किसी कंपनी की Joining Date या Exit Date गलत दिखाई दे रही है या Exit Date दर्ज ही नहीं है, तो इसे जल्द से जल्द ठीक करवाने की कोशिश करनी चाहिए।
Exit Date दर्ज नहीं होने से क्या परेशानी हो सकती है?
कई बार कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, लेकिन पुरानी कंपनी EPFO रिकॉर्ड में उसकी Exit Date अपडेट नहीं करती। ऐसे में कर्मचारी का PF रिकॉर्ड पुराने रोजगार से जुड़ा हुआ दिखाई दे सकता है।
इससे PF Transfer या Withdrawal से संबंधित प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है। इसलिए नौकरी बदलने के बाद यह जांचना जरूरी है कि पुराने रोजगार की जानकारी सही तरीके से अपडेट हुई है या नहीं।
सबसे पहले Employer या HR से करें संपर्क
अगर EPFO Service History में कोई तारीख गलत है, तो पहला कदम अपने Employer या HR Department से संपर्क करना होना चाहिए।
कंपनी के रिकॉर्ड में अगर Exit Date या Joining Date गलत है, तो Employer से उसे ठीक करवाया जा सकता है। यह तरीका खासतौर पर उन मामलों में उपयोगी है जहां गलती कंपनी की तरफ से दर्ज किए गए रिकॉर्ड में हुई हो।
हालांकि, हर मामले में सुधार की प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती। पुराने रिकॉर्ड या बड़े बदलाव से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है।
कुछ मामलों में Online Correction की सुविधा
दिए गए विवरण के अनुसार, कुछ मामलों में कर्मचारी EPFO की ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल करके Exit Date से जुड़ी जानकारी अपडेट कर सकता है। इसके लिए UAN का Aadhaar से verified होना जरूरी बताया गया है।
इसके लिए Member Portal में Login करने के बाद Manage विकल्प में जाकर Mark Exit का विकल्प चुना जा सकता है। इसके बाद संबंधित PF Account को Select करना होता है।
फिर सही Exit Date और नौकरी छोड़ने का कारण दर्ज किया जाता है। प्रक्रिया पूरी करने के लिए Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। OTP Verification के बाद संबंधित अपडेट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
हर रिकॉर्ड में खुद से बदलाव संभव नहीं
यह समझना भी जरूरी है कि EPFO के हर पुराने या जटिल रिकॉर्ड में कर्मचारी को खुद से बदलाव करने की सुविधा मिले, यह जरूरी नहीं है।
कुछ पुराने रिकॉर्ड या बड़े बदलावों वाले मामलों में Employer या Manager के Verification की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए अगर ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध नहीं है या बदलाव स्वीकार नहीं हो रहा है, तो Employer/HR से संपर्क करना बेहतर रहेगा।
PF Claim से पहले ये चीजें जरूर चेक करें
EPF से पैसा निकालने या PF Transfer करने से पहले कर्मचारी को अपनी Service History की जांच कर लेनी चाहिए। खासतौर पर पुरानी और नई कंपनियों की Joining तथा Exit Dates पर ध्यान देना जरूरी है।
इसके अलावा यह भी देखना चाहिए कि पुरानी नौकरी से जुड़ी जानकारी सही दिखाई दे रही है या नहीं। अगर कोई गलती मिलती है, तो Claim करने से पहले उसे सुधारने की कोशिश करना भविष्य की परेशानी कम कर सकता है।
दरअसल, EPF एक लंबी अवधि की बचत और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। नौकरी के दौरान कई कंपनियों से जुड़ने वाले कर्मचारियों के लिए Service History में सही जानकारी होना और रिकॉर्ड को समय-समय पर चेक करना इसलिए महत्वपूर्ण है।
एक छोटी-सी तारीख की गलती भी PF से जुड़े जरूरी काम को प्रभावित कर सकती है। इसलिए नौकरी बदलने के बाद EPFO रिकॉर्ड को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते उसकी जांच करना समझदारी है।
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