पूर्व पंजाब कैबिनेट मंत्री लाल सिंह का 83 वर्ष की उम्र में निधन...
पटियाला, चंडीगढ़: पंजाब के छह बार विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह का शनिवार को मोहाली में लंबी बीमारी के बाद 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें कुछ समय पहले मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लाल सिंह ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1980 के दशक में कांग्रेस के साथ संगठन स्तर पर काम करते हुए की। धीरे-धीरे उन्होंने पटियाला क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई।
उनके निधन पर सभी दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, "वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री लाल सिंह जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। जनसेवा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।"
1992 में पटियाला ग्रामीण सीट से जीते
पूर्व कैबिनेट मंत्री लाल सिंह स्थानीय मुद्दों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार जुड़े रहने के कारण वह एक मजबूत नेता के रूप में उभरे और 1992 के विधानसभा चुनाव में पटियाला ग्रामीण सीट से जीत हासिल की। इससे वे पंजाब की मुख्यधारा की राजनीति में स्थापित हो गए।
इसके बाद वह 2002, 2007 और 2012 में सनौर सीट से विधायक चुने गए, जो उनकी लोकप्रियता और जनता से मजबूत जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में खाद्य समेत कई अहम विभाग संभाले। अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में वह वित्त मंत्री भी रहे। इसके अलावा, वह पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं।
वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लाल सिंह ने ईमानदारी, सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण से पंजाब की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
एक अनुभवी और बुद्धिमान नेता को खो दिया- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, "आज हमने पंजाब की राजनीति के एक अनुभवी और बुद्धिमान नेता को खो दिया है। उनका जाना राज्य और पार्टी दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।" उन्होंने आगे कहा कि लाल सिंह के अनुभव और मार्गदर्शन से उनकी पीढ़ी ने बहुत कुछ सीखा और उनका अभाव हमेशा महसूस किया जाएगा।