गौरव यादव बने पंजाब के डीजीपी, राज्यपाल ने नियुक्ति को दी मंजूरी
पंजाब सरकार ने गौरव यादव को दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के लिए डीजीपी नियुक्त किया है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और ईडी से जुड़े मामले में सीबीआई जांच के निर्देश पर सवाल उठाए।
चंडीगढ़, पंजाब: पंजाब सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को राज्य का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उन्हें न्यूनतम दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया है। राज्य के गृह विभाग ने बताया कि यह फैसला संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) से प्राप्त पैनल पर विचार करने के बाद लिया गया। पंजाब के राज्यपाल ने भी उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
गौरव यादव के अलावा आईपीएस अधिकारी शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम भी राज्य सरकार को भेजे गए थे। ये तीनों अधिकारी 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। गौरव यादव को जुलाई 2022 में पंजाब के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
गौरव यादव की नियुक्ति को राज्यपाल की मंजूरी
पंजाब सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यूपीएससी से मिले पैनल पर विचार के बाद गौरव यादव को राज्य का पुलिस प्रमुख नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति के साथ उन्हें न्यूनतम दो साल का कार्यकाल दिया गया है। गौरव यादव जुलाई 2022 से ही राज्य के डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब उनकी नियमित नियुक्ति के बाद पंजाब पुलिस के नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने सरकार पर लगाए आरोप
डीजीपी की नियुक्ति के बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने राज्य प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सरकार के साथ मिलकर काम करते समय अपनी जिम्मेदारियों और जवाबदेही का ध्यान रखना चाहिए।
यह बयान पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का निर्देश दिया गया था। परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए पार्टी को दिखावा करार दिया। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय पर भी पहले सवाल उठाए जा चुके हैं।
अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत में परगट सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का गठन भारतीय जनता पार्टी की मदद करने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सत्ता में आने से पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कानून व्यवस्था में सुधार के वादे किए थे।
परगट सिंह ने कहा कि पार्टी की स्थापना के समय यह दावा किया गया था कि मंत्री हो या वरिष्ठ अधिकारी, भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने पर किसी को भी जेल जाने से नहीं बचाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा घटनाक्रम में आम आदमी पार्टी के अपने नेताओं और सहयोगियों पर ही सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों से जुड़े घटनाक्रम को भी निशाने पर लिया। साथ ही दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय पहले भी मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर भ्रष्टाचार संबंधी आरोप उठा चुका है। हालांकि, परगट सिंह के ये बयान राजनीतिक आरोप हैं। इन आरोपों को किसी न्यायिक निष्कर्ष या भ्रष्टाचार साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
सीबीआई जांच के निर्देश के बाद बढ़ी सियासी हलचल
ईडी के पत्रों से जुड़े मामले को सीबीआई को सौंपने के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पंजाब की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का आधार बनाया है, जबकि मामले की जांच और उससे जुड़े तथ्यों का निर्धारण संबंधित जांच एजेंसी तथा न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
गौरतलब है कि गौरव यादव की नियमित डीजीपी नियुक्ति और राज्य प्रशासन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस के आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब पंजाब में पुलिस नेतृत्व और सरकारी जवाबदेही दोनों राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।