चंडीगढ़, पंजाब: श्री आनंदपुर साहिब में पूर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) सदस्य और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता रहे अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। पंजाब पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए SIT का गठन किया है। यह कदम मामले को लेकर बढ़ते विवाद और निष्पक्ष जांच की मांग के बीच उठाया गया है।
अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ श्री आनंदपुर साहिब थाने में 21 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में एक महिला ने उन पर दुष्कर्म, गलत तरीके से बंधक बनाने और आपराधिक धमकी से जुड़े आरोप लगाए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
ਚਾਵਲਾ ਅਤੇ ਬਹਿਰੀਨ ਵਾਲ਼ੀ ਬੀਬੀ ਮਾਮਲੇ 'ਚ SIT ਦਾ ਗਠਨ, ਬਿਨਾਂ ਦੇਰੀ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਦੇ ਨਿਰਦੇਸ਼ https://t.co/Fe3Ay6pV0R
— AAP Punjab (@AAPPunjab) October 8, 2026
मामले की जांच में पहले भी हुई कई अहम कार्रवाइयां
मामले की जांच के दौरान पुलिस पहले ही कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सितंबर में पुलिस ने तक्ख्त श्री केसगढ़ साहिब में तैनात चालक मोहन सिंह, स्वर्ण मंदिर के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह खालसा और अमरजीत सिंह चावला की पत्नी पपिंदर कौर को पूछताछ के लिए बुलाया था। पुलिस ने इसके अलावा चावला के लुधियाना स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। हालांकि, उस दौरान वह घर पर नहीं मिले। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की थी।
जांच के दौरान SGPC से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। 6 अक्टूबर को SGPC के मुख्य सचिव के OSD से करीब चार घंटे तक पूछताछ किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। पुलिस सराय में ठहरने और वहां से जुड़े प्रवेश रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
SGPC ने भी गठित की थी चार सदस्यीय समिति
मामले को लेकर SGPC की ओर से भी आंतरिक जांच शुरू की गई थी। SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने चार सदस्यीय समिति गठित कर मामले से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की जांच कराने की बात कही थी। समिति को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपनी थी।
वहीं, मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग भी लगातार उठती रही है। शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के नेताओं ने पंजाब सरकार और राज्यपाल के समक्ष SIT गठित करने की मांग रखी थी।
अमरजीत सिंह चावला ने आरोपों को बताया था झूठा
अमरजीत सिंह चावला ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में मामले को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए कहा था कि उनके खिलाफ साजिश की गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखकर खुद को निर्दोष साबित करेंगे।
मामला दर्ज होने के बाद चावला ने SGPC सदस्य और SAD के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जब तक अदालत से उनका नाम साफ नहीं हो जाता, तब तक वह इन पदों पर वापस नहीं आएंगे।
SIT जांच से बढ़ सकती है मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद
अब SIT के गठन के बाद जांच का दायरा और विस्तृत होने की संभावना है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों के बयान, रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी। चावला के खिलाफ लगे आरोपों की सच्चाई और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।
इस मामले ने SGPC, SAD और सिख धार्मिक संस्थाओं से जुड़े कई सवालों को भी सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है। ऐसे में SIT जांच से मामले के विभिन्न पहलुओं की निष्पक्ष और तथ्यात्मक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
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