38 की उम्र में मेसी का महाकमाल, वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाकर तोड़ा रोनाल्डो का रिकॉर्ड
अल्जीरिया के खिलाफ शानदार हैट्रिक से अर्जेंटीना को दिलाई जीत, कोच पेटकोविच बोले- 'क्लास कभी खत्म नहीं होती'
फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। 38 वर्षीय मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ शानदार हैट्रिक लगाकर न सिर्फ अर्जेंटीना को 3-0 की जीत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक उम्र में हैट्रिक लगाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।
मिसौरी में खेले गए इस मुकाबले में मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना 200वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। इस खास मौके को उन्होंने यादगार बनाते हुए तीन अलग-अलग अंदाज में गोल दागे। उनका पहला गोल मैच के 17वें मिनट में आया, जब रोड्रिगो डी पॉल के त्वरित फ्री-किक पास पर उन्होंने लंबी दूरी से शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया।
दूसरा गोल उन्होंने दूसरे हाफ में किया। अर्जेंटीना के लगातार दबाव के बीच एलेक्सिस मैक एलिस्टर के शॉट पर गोलकीपर द्वारा छोड़ी गई गेंद को मेसी ने आसानी से गोल में बदल दिया। इसके बाद 76वें मिनट में उन्होंने खुद मूव तैयार करते हुए डिफेंडरों को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए अपनी हैट्रिक पूरी की।
इस उपलब्धि के साथ मेसी 38 वर्ष 357 दिन की उम्र में विश्व कप में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम था, जिन्होंने 2018 विश्व कप में स्पेन के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी।
मेसी की यह हैट्रिक कई अन्य रिकॉर्ड भी लेकर आई। उन्होंने फीफा विश्व कप इतिहास में अपने कुल गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े की बराबरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने ब्राजील के रोनाल्डो, जर्मनी के गर्ड मुलर और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे को पीछे छोड़ दिया।
इस प्रदर्शन की खास बात यह भी रही कि यह मेसी के पहले विश्व कप गोल की 20वीं वर्षगांठ पर आया। उन्होंने 2006 विश्व कप में सर्बिया के खिलाफ अपना पहला गोल किया था और अब दो दशक बाद भी विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर इतिहास रच रहे हैं।
मैच के बाद अल्जीरिया के मुख्य कोच व्लादिमीर पेटकोविच ने मेसी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेसी जैसे खिलाड़ी दुर्लभ होते हैं और उनकी गुणवत्ता कभी खत्म नहीं होती। पेटकोविच ने माना कि उनकी टीम ने कुछ गलतियां कीं, लेकिन मेसी जैसे खिलाड़ी उन गलतियों का फायदा उठाने में माहिर होते हैं।
उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की पूरी टीम मेसी के आसपास खेलती है और वर्षों से वह लगातार विश्व स्तरीय प्रदर्शन कर रहे हैं। पेटकोविच ने अपनी टीम से भी सीख लेने और अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की अपील की।
विश्व कप 2026 की शुरुआत में ही मेसी ने यह संकेत दे दिया है कि अर्जेंटीना अपने खिताब की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहा, तो इस टूर्नामेंट में कई और रिकॉर्ड टूटते नजर आ सकते हैं।