15 साल के युवा बल्लेबाज ने याद किए IPL के शुरुआती दिन, कहा- टीम की जीत मेरे शतक से ज्यादा महत्वपूर्ण |
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। महज 15 साल की उम्र में बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब अपने IPL सफर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक दिलचस्प खुलासा किया है ।
राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि IPL नीलामी में चुने जाने के बाद उन्हें सबसे पहला बधाई संदेश टीम मैनेजर रोमी भिंडर का मिला था। उस पल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे खास पलों में से एक था।
राजस्थान रॉयल्स ने जताया था भरोसा
वैभव ने बताया कि IPL 2025 की नीलामी से पहले राजस्थान रॉयल्स के ट्रायल के दौरान उनकी टीम मैनेजमेंट से बातचीत हुई थी। उस समय उन्हें संकेत मिल गया था कि फ्रेंचाइजी उन पर दांव लगाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि नीलामी के बाद रोमी भिंडर का फोन आया और दोनों के बीच कुछ मिनटों तक बातचीत हुई। उस कॉल ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि राजस्थान रॉयल्स उन्हें सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि भविष्य के निवेश के रूप में देख रही है।
डेब्यू मैच का पहला छक्का आज भी याद
वैभव सूर्यवंशी ने अपने IPL डेब्यू को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगाया, तो वह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेले गए उस मुकाबले में वैभव ने इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर मैदान पर कदम रखा और पहली गेंद पर बड़ा शॉट खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने उस मैच में तेजतर्रार पारी खेलते हुए अपने आत्मविश्वास का परिचय दिया था।
शतक ने बदल दी पहचान
युवा बल्लेबाज ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपने पहले IPL शतक को करियर का टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि वह पारी सिर्फ उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण थी।
महज तीसरे मैच में शतक लगाकर वैभव ने इतिहास रच दिया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पूरे सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन किया।
पिता की सीख को मानते हैं सबसे बड़ा मंत्र
वैभव ने बताया कि उनके पिता ने बचपन से ही उन्हें सिखाया है कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड से ज्यादा टीम की जीत मायने रखती है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई बल्लेबाज शतक बनाकर भी टीम को जीत नहीं दिला पाता, तो उस शतक की अहमियत कम हो जाती है। वहीं अगर 70 या 80 रन की पारी टीम को जीत दिलाती है, तो वह ज्यादा मूल्यवान होती है।
युवा बल्लेबाज का मानना है कि क्रिकेट व्यक्तिगत उपलब्धियों का नहीं बल्कि टीम वर्क का खेल है और यही सोच उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
फाइनल का टिकट जीतने पर नजर
एलिमिनेटर मुकाबले में 29 गेंदों पर 97 रन की विस्फोटक पारी खेलने के बाद वैभव अब क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ उतरने को तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि टीम बिना किसी अतिरिक्त दबाव के मैदान पर उतरेगी और पूरे सीजन की तरह सकारात्मक क्रिकेट खेलने की कोशिश करेगी। उनका लक्ष्य सिर्फ फाइनल में पहुंचना ही नहीं बल्कि राजस्थान रॉयल्स को खिताब जिताना भी है।
रिकॉर्डों की बारिश कर रहे हैं वैभव
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला लगातार रन उगल रहा है। उन्होंने 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं और ऑरेंज कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 240 से अधिक रहा है, जो उनके आक्रामक अंदाज को दर्शाता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैभव इसी तरह प्रदर्शन करते रहे तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।