बरासात, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को मुख्य आरोपी राजकुमार सिंह को बरासात स्थित विशेष CBI अदालत में पेश किया।
इससे पहले सोमवार को CBI ने मुजफ्फरनगर पुलिस के सहयोग से राजकुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था। CBI सूत्रों के अनुसार, राजकुमार इस मामले का मुख्य शूटर है। चंद्रनाथ रथ, जो भारतीय वायुसेना में भी सेवाएं दे चुके थे, को 6 मई की रात मध्यमग्राम के पास गोली मारी गई थी। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मामला अब CBI को सौंपा गया
CBI ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की थी। यह मामला पश्चिम बंगाल सरकार और भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की समानांतर अधिसूचनाओं के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस से CBI को सौंपा गया।
CBI ने इस केस को नियमित मामला दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) (हत्या), धारा 61(1) (आपराधिक साजिश), धारा 111(2)(a) (संगठित अपराध) के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़िता के भाई की शिकायत पर हुई थी FIR दर्ज
जांच एजेंसी ने पीड़ित के भाई की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई अज्ञात लोगों ने पेशेवर और सुनियोजित साजिश के तहत हत्या को अंजाम दिया। वहीं, अदालत ने बिहार और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों—मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह—को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
24 मई तक आरोपियों को मिली पुलिस हिरासत
सरकारी वकील अधिवक्ता बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी अतिरिक्त धाराएं जोड़ने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, “तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अदालत ने उन्हें 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। हमने सबूत नष्ट करने से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।”