ताइवान के आसपास चीन के 22 सैन्य विमान, 6 नौसैनिक जहाज और एक सरकारी पोत की गतिविधि दर्ज
ताइपे, ताइवान: ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने गुरुवार सुबह 6 बजे (स्थानीय समय) तक अपने आसपास चीन के 22 सैन्य विमानों, 6 नौसैनिक जहाजों और एक आधिकारिक पोत की मौजूदगी दर्ज की। इन 22 विमानों में से 18 ने ताइवान स्ट्रेट की मध्य रेखा (Median Line) पार करते हुए ताइवान के उत्तरी, मध्य, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश किया।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “आज सुबह 6 बजे (UTC 8) तक ताइवान के आसपास PLA के 22 विमान, PLAN के 6 जहाज और एक आधिकारिक पोत की गतिविधि दर्ज की गई। इनमें से 18 विमानों ने मीडियन लाइन पार कर ताइवान के विभिन्न ADIZ क्षेत्रों में प्रवेश किया। ROC सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक जवाबी कार्रवाई की।”
चीन के 20 सैन्य विमानों की गतिविधि दर्ज
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी ताइवान ने अपने आसपास चीन के 20 सैन्य विमानों की गतिविधि दर्ज की थी। MND ने कहा था, “आज दोपहर 3:09 बजे से PLA के विभिन्न प्रकार के 20 विमान, जिनमें J-10, J-16 और KJ-500 शामिल हैं, ताइवान के आसपास देखे गए। इनमें से 16 विमानों ने ताइवान स्ट्रेट की मीडियन लाइन पार की और PLAN के जहाजों के साथ संयुक्त वायु-समुद्री अभ्यास किया।”
चीन का ताइवान पर दावा एक जटिल मुद्दा
चीन का ताइवान पर दावा ऐतिहासिक, राजनीतिक और कानूनी तर्कों पर आधारित एक जटिल मुद्दा है। बीजिंग ताइवान को चीन का अभिन्न हिस्सा मानता है और यह दावा उसकी राष्ट्रीय नीति तथा घरेलू कानूनों में शामिल है। हालांकि, ताइवान खुद को अलग पहचान वाला क्षेत्र मानता है और उसकी अपनी सरकार, सेना तथा अर्थव्यवस्था है।
ताइवान करीब 50 वर्षों तक जापानी उपनिवेश बना रहा
ताइवान व्यावहारिक रूप से एक स्वतंत्र राष्ट्र की तरह काम करता है, लेकिन चीन के साथ संभावित सैन्य टकराव से बचने के लिए उसने औपचारिक स्वतंत्रता की घोषणा नहीं की है। इतिहास के अनुसार, 1683 में किंग राजवंश ने मिंग वफादार कोक्सिंगा को हराकर ताइवान पर कब्जा किया था। बाद में 1895 में प्रथम चीन-जापान युद्ध के बाद ताइवान जापान के नियंत्रण में चला गया और करीब 50 वर्षों तक जापानी उपनिवेश बना रहा।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ताइवान दोबारा चीनी नियंत्रण में आया
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ताइवान दोबारा चीनी नियंत्रण में आया, लेकिन संप्रभुता का औपचारिक हस्तांतरण स्पष्ट नहीं हो पाया। 1949 में चीनी गृह युद्ध के बाद मुख्यभूमि चीन में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) की स्थापना हुई, जबकि रिपब्लिक ऑफ चाइना (ROC) की सरकार ताइवान चली गई। तभी से दोनों पक्ष ताइवान पर अपना दावा करते रहे हैं।