संघर्ष के बीच भारत सतर्क, ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ से जहाजों की निगरानी तेज...
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत Indian Navy को Strait of Hormuz से निकलने वाले भारत-आगमन कार्गो जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
गौरतलब है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरानी बल अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पांच से अधिक युद्धपोत तैनात किए हैं।
22 से अधिक भारतीय जहाज अभी भी फंसे हैं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, LPG, LNG और कच्चा तेल लेकर आने वाले 22 से अधिक भारतीय जहाज इस समय जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए समुद्र के नीचे बारूदी सुरंग (माइन) का खतरा भी बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना लगातार इन जहाजों के संपर्क में बनी हुई है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास कर रही है।
इससे पहले बुधवार को ईरान ने भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले “मित्र देशों” की सूची में शामिल किया। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची (Abbas Araghchi) ने कहा कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
दो LPG टैंकर संघर्षग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित बाहर आए
मंगलवार को दो LPG टैंकर सुरक्षित रूप से इस संघर्षग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकल गए। ये टैंकर 28 मार्च तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ नामक इन जहाजों में देश की लगभग एक दिन की रसोई गैस आपूर्ति के बराबर एलपीजी मौजूद है। बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, इन जहाजों पर 33 और 27 भारतीय नाविक सवार हैं और ये कुल 92,612 टन LPG लेकर आ रहे हैं।
28 फरवरी से बिगडे हालात
Strait of Hormuz ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकीर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए दुनिया के कुल ऊर्जा व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण सैकड़ों जहाज इस मार्ग में फंस गए थे। हालांकि भारत की कूटनीतिक पहल के बाद ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर गुजरात पहुंच चुके हैं।