रूस ने की पर्शियन गल्फ में तत्काल संघर्षविराम की मांग, US-Israel सैन्य कार्रवाई की आलोचना...
मॉस्को: रूस ने पर्शियन गल्फ में जारी सैन्य संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए तत्काल शत्रुता समाप्त करने की अपील की है। रूस ने मौजूदा स्थिति को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ “उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई” करार दिया है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि पर्शियन गल्फ में जारी सशस्त्र टकराव से तनाव लगातार बढ़ रहा है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान और आसपास के अरब देशों में ऊर्जा और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हो रहा है।
तत्काल संघर्षविराम की मांग
रूस ने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति में सबसे जरूरी कदम सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकना है। अपने बयान में कहा कि वॉशिंगटन और तेल अवीव की सैन्य गतिविधियों को समाप्त करना किसी भी समाधान की पहली शर्त है।
कूटनीतिक समाधान पर जोर
मॉस्को ने यह भी कहा कि वह क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर इस संकट का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से निकालने के लिए तैयार है। रूस ने संकेत दिया कि वह चीन और तुर्की जैसे देशों के साथ मिलकर मध्यस्थता में सहयोग कर सकता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे की वकालत
रूसी विदेश मंत्रालय ने लंबे समय से पर्शियन गल्फ में सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था के प्रस्ताव का समर्थन किया है। रूस का कहना है कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति और सहयोग के लिए सभी तटीय देशों के बीच संतुलित सुरक्षा ढांचा जरूरी है।
ओमान की पहल का समर्थन
रूस ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद अल बुसैदी के हालिया प्रस्ताव का भी उल्लेख किया और कहा कि उनकी सोच रूस की क्षेत्रीय रणनीति से मेल खाती है। प्रस्ताव में परमाणु ऊर्जा, पारदर्शिता और विश्वास-निर्माण उपायों पर आधारित क्षेत्रीय संवाद की बात की गई है।
संघर्ष और बढ़ता तनाव
यह संघर्ष फरवरी 28 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त हवाई अभियान चलाया था, जिसे “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया। पिछले तीन हफ्तों में यह संघर्ष कई मोर्चों तक फैल चुका है, जिसमें ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी हमले और समुद्री क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी शामिल है।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता बढ़ी
लगातार बढ़ते तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर बनाए हुए है कि कहीं यह संघर्ष और व्यापक वैश्विक टकराव का रूप न ले ले। रूस ने एक बार फिर सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।