PoJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन

By  Preeti Kamal June 8th 2026 04:41 PM

लीड्स, ब्रिटेन: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर ब्रिटेन के शहर लीड्स में कश्मीरी प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने एक बैठक आयोजित की। इस दौरान प्रतिभागियों ने आरोप लगाया कि वहां नागरिक स्वतंत्रताओं का दमन किया जा रहा है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया है। बैठक में ब्रिटिश राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, कश्मीरी समुदाय के नेताओं और निर्वाचित पार्षदों ने भाग लिया।

यह बैठक ऐसे समय हुई जब PoJK में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और शासन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।

कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की निंदा की गई

कार्यक्रम में वक्ताओं ने विशेष रूप से रावलाकोट और आसपास के क्षेत्रों में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। साथ ही प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग किए जाने की भी बात कही गई।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हालात पर नज़र रखने का आग्रह किया गया

वक्ताओं ने प्रभावित परिवारों के लिए न्याय की मांग की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रखने का आग्रह किया। इस बीच यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने 8 जून को पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कश्मीरी राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल होंगे।

प्रदर्शन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है

प्रदर्शन का उद्देश्य PoJK की स्थिति की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाना है। आयोजकों ने घटनाओं की निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, विदेशी सरकारों और वैश्विक मीडिया से न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन करने की अपील की।

UKPNP ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक विवादों का समाधान बल प्रयोग के बजाय संवाद, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप किया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी दोहराया कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों से कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.