ईरान समझौते पर ट्रंप का यू-टर्न, G7 सम्मेलन में बोले- अभी कुछ तय नहीं, जरूरत पड़ी तो फिर करेंगे हमला

फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों के बीच ट्रंप के नए बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंचा है और अमेरिका अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन अभी किसी भी समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि अमेरिका को समझौते की शर्तें स्वीकार्य नहीं लगीं, तो आगे की कार्रवाई के सभी विकल्प खुले रहेंगे।

समझौते पर अभी भी बनी हुई है अनिश्चितता

पिछले कुछ सप्ताहों से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास जारी हैं। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दावा किया गया था कि दोनों देश किसी सहमति के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि ट्रंप के ताजा बयान ने संकेत दिया है कि बातचीत अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अटकी हुई है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। किसी भी समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा होना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी दिया बड़ा अपडेट

जी7 सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले एक-दो दिनों में यह मार्ग पूरी तरह सामान्य स्थिति में आ सकता है।

ट्रंप के अनुसार, क्षेत्र में तनाव कम होने के साथ समुद्री गतिविधियां फिर से तेज हो रही हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है और यह जल्द ही युद्ध पूर्व स्तर से भी नीचे आ सकती हैं।

वैश्विक बाजारों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता पर

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार का समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर सीधा प्रभाव डाल सकता है। खासकर तेल निर्यात और समुद्री व्यापार के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

ट्रंप ने कहा कि बाजार इस संभावित समझौते को सकारात्मक रूप से देख रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद

कई महीनों से जारी तनाव के बीच दुनिया की निगाहें अमेरिका और ईरान के संबंधों पर टिकी हुई हैं। यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है तो इससे मध्य पूर्व में स्थिरता बढ़ सकती है। हालांकि ट्रंप के बयान से यह भी साफ हो गया है कि बातचीत अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदल सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि जी7 सम्मेलन के बाद अमेरिका की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर केवल मध्य पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।