नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल और पूर्व राजनयिक तरणजीत सिंह संधू ने मंगलवार को राजधानी के पांच प्रमुख सड़क कॉरिडोरों के पुनर्विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा की। इन परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।

उपराज्यपाल ने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) और संबंधित सड़क एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि इन अत्यधिक व्यस्त सड़कों का पुनर्विकास इस तरह किया जाए कि सड़क की धूल और उससे होने वाले वायु प्रदूषण को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

यह परियोजना शहरवासियों को सार्वजनिक परिसंपत्तियों से जोड़ेगी

तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि यह परियोजना शहरवासियों को इन सार्वजनिक परिसंपत्तियों से जोड़ने का काम भी करेगी, जिससे लोगों में इन सड़कों के प्रति स्वामित्व की भावना विकसित होगी। इससे सुरक्षा, रखरखाव और लोगों को खुले मनोरंजन स्थलों की सुविधा भी मिलेगी।

बारिश के दौरान जलभराव को रोका जा सकेगा

पुनर्विकास योजना की प्रमुख विशेषताओं में अत्याधुनिक स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम शामिल है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव को रोका जा सकेगा और सड़क पर गाद (सिल्ट) जमा नहीं होगी। परियोजना के तहत ऐसा ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाएगा जिससे बारिश में यातायात सुचारू रहेगा और धूल प्रदूषण भी कम होगा।

इसके अलावा, वैज्ञानिक तरीके से विकसित ग्रीन सेंट्रल वर्ज बनाया जाएगा, जिसमें घास की कारपेटिंग और पाइपलाइन आधारित सिंचाई सुविधा होगी। इससे पानी के टैंकरों की जरूरत कम होगी और टैंकरों से होने वाले ट्रैफिक जाम व सिल्ट फैलने की समस्या भी खत्म होगी। योजना में पैदल यात्रियों के लिए एकीकृत फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, सार्वजनिक सुविधाएं और विश्राम स्थल विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है।