दुबई, चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने दुबई में आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती एवं उत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी के जीवन-दर्शन, सामाजिक आदर्शों और आर्थिक नीतियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांत लगभग 5150 वर्ष बाद भी आधुनिक युग में उतने ही प्रासंगिक हैं और समावेशी विकास, सामाजिक समरसता तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता दिखाते हैं।

अपने संबोधन में विपुल गोयल ने महाराजा अग्रसेन जी के 'एक ईंट-एक रुपया' सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सामूहिक सहयोग और आर्थिक सशक्तीकरण का अनूठा उदाहरण था। आज दुनिया जिस क्राउड फंडिंग, सीड फंडिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम की बात कर रही है, उसकी मूल भावना इसी सिद्धांत में दिखाई देती है।

'एक ईंट-एक रुपया' से मिलता है सामूहिक सहयोग का संदेश

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने ऐसी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था की कल्पना की थी, जिसमें समाज का प्रत्येक व्यक्ति विकास की प्रक्रिया में भागीदार बने। उनका मानना था कि समाज से प्राप्त संसाधनों और सहयोग का लाभ सभी वर्गों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल दान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज की समस्याओं को पहचानकर उनके स्थायी समाधान तैयार करना भी जरूरी है।

'सबका साथ, सबका विकास' में दिखाई देता है महाराजा अग्रसेन का दर्शन

विपुल गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें महाराजा अग्रसेन जी के सामाजिक दर्शन की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सहभागिता, समावेशी विकास, नैतिकता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से ही सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।

युवाओं को रोजगार देने वाला बनने की दी प्रेरणा

युवाओं को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज के युवाओं को केवल रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। महाराजा अग्रसेन जी ने सदियों पहले उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता का जो संदेश दिया था, वह आज के स्टार्टअप युग में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से अपने कौशल, ज्ञान और नवाचार के माध्यम से नए अवसर पैदा करने का आह्वान किया।

व्यापार में विश्वास और नैतिकता को बताया सबसे बड़ी पूंजी

व्यावसायिक नैतिकता पर बात करते हुए विपुल गोयल ने कहा कि किसी भी व्यापार की सबसे बड़ी पूंजी विश्वास होती है। ईमानदारी, निष्ठा, नैतिकता और व्यावसायिक उत्कृष्टता के बिना कोई भी कारोबार लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने व्यापार को केवल आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का जरिया माना था।

पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति करुणा पर दिया जोर

कैबिनेट मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन जी ने हजारों वर्ष पहले ही प्रकृति की रक्षा और जीवमात्र के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया था। आज दुनिया ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल व्यावसायिक मॉडल की ओर बढ़ रही है। यह उनके विचारों की प्रासंगिकता को दर्शाता है।

हरियाणा के विकास का भी किया जिक्र

विपुल गोयल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका जन्म अग्रवंश की भूमि पर हुआ और उन्हें महाराजा अग्रसेन जी की जन्म एवं कर्मभूमि हरियाणा की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने, बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में काम कर रही है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों को चार प्रमुख विचारों से जोड़ते हुए कहा कि 'सबका साथ' सामाजिक सहभागिता, 'सबका विकास' समावेशी विकास, 'सबका विश्वास' व्यावसायिक नैतिकता और 'सबका प्रयास' सामूहिक सहयोग की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि आधुनिक युग के लिए भी व्यावहारिक सामाजिक और आर्थिक सिद्धांत हैं। उनके आदर्शों को जीवन और कार्यशैली में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।