नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रविवार, 1 नवंबर को कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की रामलीला मैदान में रैली और पश्चिमी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पदयात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दोनों राजनीतिक कार्यक्रमों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के करीब 10 हजार जवान तैनात किए गए हैं। वहीं, मध्य, नई और पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले प्रभावित सड़कों और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी ले लें।

रामलीला मैदान के आसपास 4 हजार से अधिक जवान तैनात

INDIA गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली रविवार सुबह 11 बजे रामलीला मैदान में शुरू होनी है। रैली में शामिल होने वाले सांसद पहले संविधान क्लब में एकत्र होंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-Connaught Place जंक्शन से रामलीला मैदान की ओर मार्च करेंगे।

रैली को देखते हुए रामलीला मैदान और उसके आसपास 4,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। मिंटो ब्रिज से रैली स्थल तक के रास्ते और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, भगवान दास रोड, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।

संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू की गई

संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है, ताकि बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर रोक लगाई जा सके। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।