भुवनेश्वर: ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। राज्य में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 12 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। भूस्खलन में लापता लोगों की तलाश के लिए भारतीय नौसेना का उन्नत हेलीकॉप्टर भी तैनात किया जाएगा।

राज्य के विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कंधमाल जिले के रायिका ब्लॉक में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई है। वहीं, गजपति जिले में पहले लापता बताए गए एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है।

भूस्खलन के बाद 12 लोग अब भी लापता

गंजाम जिले के भंजनगर के पास गिदिपाबली गांव में भूस्खलन के बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हादसे के समय गांव में करीब 50 लोग मौजूद थे। शुरुआत में 13 लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी, जिनमें से एक व्यक्ति का पता लगा लिया गया है। बाकी 12 लोगों की तलाश जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के लिए भारतीय नौसेना का एक उन्नत हेलीकॉप्टर तैनात किया जाएगा। राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि हेलीकॉप्टर भुवनेश्वर एयरपोर्ट से उड़ान भरकर भंजनगर पहुंचेगा। इसकी मदद से भूस्खलन प्रभावित इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया जाएगा और यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कहीं कोई व्यक्ति मिट्टी और मलबे के नीचे तो नहीं दबा है।

भूस्खलन प्रभावित इलाके में 160 से 170 बचावकर्मी तैनात किए गए

भुवनेश्वर, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के अनुसार, भूस्खलन प्रभावित इलाके में 160 से 170 बचावकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF), अग्निशमन सेवा और पुलिस की विशेष अभियान टीम के जवान शामिल हैं। ये टीमें शुक्रवार रात से ही लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

गंजाम में सबसे ज्यादा बारिश, बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित

विशेष राहत आयुक्त के मुताबिक, गंजाम जिले के पात्रापुर ब्लॉक में राज्य की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। फिलहाल गंजाम में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, हालांकि रुशिकुल्या नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। कई प्रभावित गांवों में पानी कम होने लगा है।

प्रशासन के अनुसार, गंजाम में 1,05,622 लोग प्रभावित हुए हैं और उनके लिए 367 राहत शिविर बनाए गए हैं। वहीं, पड़ोसी गजपति जिले में 21,782 लोग प्रभावित हुए हैं और 340 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रभावित परिवारों को भोजन, जरूरी सामान और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

एक गांव तक नहीं पहुंच पा रही सड़क, हवाई मार्ग से भेजी जाएगी राहत

प्रशासन ने बताया कि गंजाम के लगभग सभी गांवों से सड़क संपर्क बहाल कर दिया गया है। हालांकि, एक गांव अभी भी बाहरी संपर्क से कटा हुआ है। वहां फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हवाई मार्ग से सामान गिराने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों में रेलवे से भी मदद मांगी है। इसके अलावा गंजाम में विशेषज्ञों की टीम भेजने और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी लगाने की तैयारी है। राहत कार्यों में बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे हुए हैं।

नवीन पटनायक ने जताया दुख, सरकार से तत्काल मदद की अपील

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने कंधमाल जिले में भूस्खलन की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और लापता लोगों को जल्द तलाशने की अपील की। उन्होंने राज्य सरकार से प्रभावित लोगों को तत्काल बचाने और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।

फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान जारी है

फिलहाल गंजाम और गजपति जिलों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने, प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन बहाल करने की है।