नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने का ऐलान किया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। यह प्रतिबंध 16 दिनों तक लागू रहेगा।
मंत्री ने प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए इस अवधि में निर्माण गतिविधियों को पूरी तरह रोकने की बात कही है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से फैसले का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों की शुरुआत के साथ वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
बारिश के बाद दिल्ली की हवा में हुआ सुधार
जानकारी के मुताबिक, बुधवार और गुरुवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 से ऊपर यानी खराब श्रेणी में दर्ज किया गया था। हालांकि, शुक्रवार 30 अक्टूबर को सुबह 4 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI घटकर 133 पर पहुंच गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
रातभर हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार देखने को मिला। इसके बावजूद सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है।
#WATCH | Delhi: Union Minister Bhupender Yadav says, "... Delhi has already issued a notice stopping construction and demolition activities from November 1. However, CAQM will issue an order today to suspend these activities across the NCR from November 5 to 20, following scientific studies. The restrictions will cover dust-generating demolition and outdoor construction activities, while projects of national importance will remain exempt. During these 15 days, offices will also be encouraged to operate with 50% physical attendance as it is a peak time. The measures will also consider Gurugram, Faridabad, Ghaziabad, Gautam Budh Nagar, Sonipat and other NCR areas..."
— ANI (@ANI) October 30, 2026
दिल्ली सरकार ने भी लागू किए हैं निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध
केंद्र सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की 28 सितंबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ गतिविधियों और खुले में होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रतिबंध लगाने की जानकारी दी थी।
इसके अलावा, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक सभी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध की योजना भी घोषित की गई थी। इस रणनीति का उद्देश्य सर्दियों के दौरान निर्माण से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना है।
CAQM ने भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त किए नियम
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 29 सितंबर 2026 को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के संशोधित नियमों को मंजूरी दी थी। इसके तहत निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों, निर्माण सामग्री को ढककर रखने, मलबे के उचित निस्तारण और पानी का छिड़काव करने जैसे निर्देश शामिल हैं। आयोग ने 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों के लिए वेब पोर्टल पर पंजीकरण और धूल नियंत्रण उपायों की निगरानी को भी अनिवार्य किया है।
किन गतिविधियों पर पड़ेगा असर?
निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने की स्थिति में भवन निर्माण, पुरानी इमारतों को गिराने, खुदाई और निर्माण सामग्री से जुड़े काम प्रभावित होंगे। इसका सीधा असर दिल्ली-एनसीआर में चल रहे निजी और व्यावसायिक निर्माण प्रोजेक्टों पर पड़ सकता है। हालांकि, 5 से 20 नवंबर वाले नए ऐलान के लिए अलग से जारी लिखित सरकारी आदेश और उसमें दी गई संभावित छूटों का विवरण आधिकारिक रूप से सामने आने पर प्रतिबंध के दायरे की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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