नई दिल्ली: दिल्ली में बुधवार को INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल ने प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर हमला करने का आरोप लगाया है। संसद मार्ग थाने में तैनात कांस्टेबल अंकित कसाना ने दावा किया कि राहुल गांधी की हिरासत के दौरान करीब 30-35 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की।

कांस्टेबल अंकित कसाना के मुताबिक, वह जंतर-मंतर के पास भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों का रास्ता रोक रहे थे और कुछ लोग वाहनों के सामने लेट गए थे। इसी दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लेकर ले जाने की स्थिति में तनाव बढ़ गया।

वर्दी फाड़ने और काटने का आरोप

कसाना ने आरोप लगाया कि जब वह प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश कर रहे थे, तब पीछे से किसी ने उनका कॉलर पकड़ लिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी वर्दी फाड़ दी गई और बटन भी टूट गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उन्हें नाखूनों से खरोंचा और काटा।

कसाना के अनुसार, करीब 30 से 35 पुरुष और महिलाएं उन्हें घेरकर खड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज भी की। घटना के बाद कांस्टेबल को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML Hospital) ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। कथित हमले के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने दर्ज कीं तीन FIR

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने बुधवार के विपक्षी प्रदर्शन के सिलसिले में तीन FIR दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, मामलों में पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने, धक्का-मुक्की और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार से संबंधित आरोप शामिल हैं।

FIR में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नाम भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुल 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस फिलहाल आरोपों और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था प्रदर्शन

INDIA ब्लॉक के सांसदों और विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग की।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च की योजना बनाई थी, लेकिन इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोका गया, जिसके बाद कई नेताओं ने धरना दिया।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी हिरासत में लिए गए

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने आकाशवाणी भवन परिसर में भी प्रदर्शन जारी रखा और परिसर खाली करने के निर्देशों का पालन नहीं किया।

बाद में पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। बुधवार के प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने अब कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से हुई झड़प और सरकारी काम में बाधा से जुड़े मामलों में कार्रवाई शुरू की है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट से जुड़े मोबाइल वीडियो भी खंगालने शुरू किए हैं, ताकि घटना में शामिल लोगों की पहचान और घटनाक्रम की जांच की जा सके।