नई दिल्ली: भारत सरकार ने गुरुवार को भारतीय रेलवे में सेना पदक (गैलेंट्री) पुरस्कार विजेताओं को बड़ी राहत देते हुए आजीवन मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा देने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के अनुसार भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के ‘सेना, नौसेना और वायुसेना मेडल (वीरता)’ से सम्मानित जवानों को फर्स्ट क्लास, 2AC और एसी चेयर कार में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही उनके जीवनसाथी (पुनर्विवाह तक) और अविवाहित मरणोपरांत पुरस्कार विजेताओं के माता-पिता भी इस सुविधा के पात्र होंगे। एक सहयात्री को भी साथ ले जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा, सरकार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के पुनर्वास और उन्हें नागरिक जीवन में बेहतर अवसर देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
The Government of India has issued an order to grant railway concession in the form of complimentary lifelong free travel in First Class/ 2 AC / AC Chair Car, along with one companion in trains of Indian Railways to the awardees of Sana/Nau Sena/Vayu Sena Medal gallantry… pic.twitter.com/JJXowv7rSR
— ANI (@ANI) March 26, 2026
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में शुरू की गई पहल
इसी दिशा में रेल मंत्रालय और भारतीय सेना के बीच एक “सहयोग ढांचा” (Framework of Cooperation) शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद अग्निवीरों और सैनिकों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह पहल सेना और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में शुरू की गई है, जिससे सैन्य सेवा से नागरिक जीवन में आसान संक्रमण सुनिश्चित किया जा सके। इसके तहत रेलवे में नौकरी के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी और रिटायर होने वाले जवानों के लिए एक सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा।
भारतीय रेलवे की नीति में पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसी के तहत रेलवे में भर्ती के दौरान Level-2/ ऊपर के पदों में 10% और Level-1 पदों में 20% आरक्षण पूर्व सैनिकों के लिए तय किया गया है।
अग्निवीरों के लिए भी किया गया प्रावधान
वहीं, अग्निवीरों के लिए Level-2/ ऊपर में 5% और Level-1 में 10% आरक्षण रखा गया है। 2024 और 2025 में रेलवे भर्ती में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए गए, जिनमें 6,485 पद Level-1 और 8,303 पद Level-2/ ऊपर के शामिल हैं।
तेजी से भर्ती सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने पूर्व सैनिकों को ‘पॉइंट्समैन’ के रूप में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर नियुक्त करने का फैसला भी लिया है, जब तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। वर्तमान में 5,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और 9 डिवीजनों ने सेना संगठनों के साथ समझौते (MoU) भी किए हैं। भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच यह सहयोग देश के विकास, लॉजिस्टिक्स और सैनिकों की आवाजाही को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।