भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली हुई सीट के उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस सीट पर 12 नवंबर 2026 को मतदान होना है। पार्टी के इस फैसले से पुरी के राज्यसभा में पहुंचने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। साथ ही, उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने को लेकर उठ रहे सवालों पर भी विराम लग सकता है।
भाजपा ने उम्मीदवारों की पिछली सूची में हरदीप सिंह पुरी का नाम शामिल नहीं किया था। इसके बाद उनके भविष्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब मध्य प्रदेश की सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने के बाद इन अटकलों पर काफी हद तक विराम लगने की संभावना है। हालांकि, राज्यसभा में उनका निर्वाचन मतदान प्रक्रिया और उसके परिणाम पर निर्भर करेगा।
पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह उपचुनाव मध्य प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा सीट को भरने के लिए कराया जा रहा है। भाजपा के पास राज्य विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उसके उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर उपचुनाव की नौबत केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 18 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। उनके इस फैसले के बाद राज्यसभा की सीट रिक्त हो गई और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू की।
मुरुगन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा था कि वह तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना चाहते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान बताया था।
मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में पार्टी के संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहते हैं। उनके इस्तीफे के बाद ही मध्य प्रदेश की इस सीट पर नए सदस्य के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई।

12 नवंबर को होगा मतदान
निर्वाचन आयोग ने 22 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी। इसके बाद भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार बनाया। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा।
मतगणना की जरूरत पड़ने पर उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख 16 नवंबर 2026 तय की गई है। इस उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा।
राज्यसभा उपचुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की मजबूत स्थिति को देखते हुए पार्टी के उम्मीदवार को बढ़त हासिल होने की संभावना है। हालांकि, अंतिम नतीजा निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
हरदीप सिंह पुरी के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा का यह निर्णय उनके संसदीय भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने रहने के लिए मंत्री का संसद के किसी सदन का सदस्य होना जरूरी है। संविधान के अनुच्छेद 75(5) के तहत कोई मंत्री लगातार छह महीने तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य न रहने पर मंत्री पद पर नहीं रह सकता।
ऐसे में राज्यसभा की खाली सीट से पुरी को उम्मीदवार बनाना उनके संसदीय प्रतिनिधित्व को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। यदि वह इस उपचुनाव में निर्वाचित होते हैं, तो उनका राज्यसभा सदस्य बनना सुनिश्चित होगा और केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी स्थिति को लेकर जारी अटकलें कम होंगी।
भाजपा के इस फैसले पर अब राजनीतिक नजरें 12 नवंबर के मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।
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