साओ पाउलो: ब्राजील सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई द्वारा लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की संभावित चुनावी जीत को मान्यता न देने की आशंकाओं को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। सरकार का मानना है कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं ऐसी परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हैं।
ब्राजील के समाचार माध्यम Brasil 247 की 26 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति प्रशासन से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि ब्रासीलिया में अमेरिकी प्रशासन की ओर से लूला की जीत को स्वीकार न किए जाने की संभावना को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों को भरोसा है कि ब्राजील की लोकतांत्रिक संस्थाएं ऐसी स्थिति से निपट सकती हैं।
Q: Do you want to do something about the election in Brazil?
Trump: I'm not running Brazil. I'm running the U.S. I like Lula. I get along with him very well, but the extension given was very strange. https://t.co/Sl1HUjiWde
— Clash Report (@clashreport) October 26, 2026
लूला की जीत पर लैटिन अमेरिकी नेताओं ने दी बधाई
रिपोर्ट के मुताबिक, लैटिन अमेरिका के विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं वाले नेताओं ने लूला की जीत के बाद उन्हें बधाई दी। इक्वाडोर से लेकर क्यूबा तक कई देशों के नेताओं ने शुभकामनाएं भेजीं, जबकि मिलेई की ओर से तत्काल बधाई नहीं दिए जाने को अलग रुख के रूप में देखा गया।
ब्राजील के राष्ट्रपति प्रशासन का मानना है कि क्षेत्रीय नेताओं की ओर से मिली व्यापक प्रतिक्रिया लैटिन अमेरिका में ब्राजील के महत्व और लूला के राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है। हालांकि, यह आकलन Brasil 247 की रिपोर्ट में बताए गए सरकारी सूत्रों पर आधारित है।
Vietnã parabeniza Lula pela vitória e projeta acordo de comércio com o Mercosul https://t.co/EDrh8P4Z1r
— Brasil 247 (@brasil247) October 27, 2026
ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार और राजनीतिक तनाव
हाल के महीनों में ब्राजील और अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा है। ब्राजील में इस बात को लेकर चिंता जताई गई कि अमेरिकी प्रशासन देश के चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
रिपोर्ट में सोशल मीडिया कंपनी मेटा के एल्गोरिदम को लेकर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख है। आरोप था कि सोशल मीडिया एल्गोरिदम के जरिए लूला को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन और मेटा के बीच ब्राजील की चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के लिए समन्वय का कोई निर्णायक प्रमाण सामने नहीं आया है।
इसके अलावा, ब्राजील सरकार अमेरिकी व्यापारिक बाधाओं और टैरिफ उपायों को भी दोनों देशों के बीच व्यापक तनाव के संदर्भ में देखती है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रासीलिया में इन कदमों को ब्राजील के आंतरिक मामलों पर दबाव डालने की व्यापक कोशिश के हिस्से के रूप में देखा गया है।
🚨 NOW: Brazil election fraudster Lula has EMERGED at his "VICTORY PARTY" — and is now acting like he didn't expect the steal from Bolsonaro the whole time
What kind of SICK in the head person does it take to steal an election with the whole world watching then acting like he's legitimate?
Brazil is occupied.
— Eric Daugherty (@EricLDaugh) October 26, 2026
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा
ब्राजील सरकार का रुख है कि किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति की ओर से चुनावी जीत को मान्यता देना या न देना, ब्राजील की अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती से अधिक महत्वपूर्ण नहीं है। Brasil 247 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को भरोसा है कि घरेलू संस्थाओं की मजबूती और क्षेत्रीय कूटनीतिक संबंधों के आधार पर ब्राजील अमेरिका और अर्जेंटीना के साथ संभावित राजनीतिक मतभेदों का सामना कर सकता है।
Add GTC Bharat on Google