खुर्दा, ओडिशा: ओडिशा के खुर्दा जिले में मंगलवार को चक्रवात अर्नब के करीब आने के बीच तेज बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। एहतियात के तौर पर चिलिका झील में पर्यटक नौकाओं और फेरी सेवाओं को 26 से 29 अक्टूबर तक निलंबित कर दिया गया है।

प्रशासन तटीय इलाकों और जल निकायों में स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि मछुआरों ने भी अपनी नावों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाना शुरू कर दिया है।

चिलिका झील में तीन दिन तक नौकाएं नहीं चलेंगी

ओडिशा पर्यटन विकास निगम (OTDC) के बरकुल प्रबंधक सब्यसाची कारा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि मंगलवार सुबह से मौसम खराब होने के बाद एहतियाती कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी नौकाओं को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है और तीन दिनों के लिए नौका संचालन रोक दिया गया है। उनके मुताबिक, विभाग के पास कुल 10 नौकाएं हैं, जिनमें से तीन पहले से ही संचालन में नहीं थीं। कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कारा ने बताया कि तेज बारिश और हवाओं की रफ्तार बढ़ने के कारण स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। ओटीडीसी जेट्टी परिसर और वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आसपास कर्मचारी नौकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं।

मछुआरों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाईं नावें

कालिजई मोटर बोट एसोसिएशन के सहायक सचिव प्रद्युम्न बेहरा ने बताया कि चक्रवात की आशंका के कारण नौका संचालकों और मछुआरों में चिंता है। प्रशासन के निर्देश के बाद चिलिका झील में पर्यटक नौकाओं सहित सभी संबंधित नौका सेवाओं को 26 से 29 अक्टूबर तक बंद रखने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि कई गांवों के मछुआरे अपनी नावों के साथ वापस लौट आए हैं। अगले तीन से चार दिनों तक मछली पकड़ने की गतिविधियां भी बंद रहेंगी। मौसम विभाग की ओर से तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी के बाद नावों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

पारादीप बंदरगाह पर 305 मछुआरों को मिला आश्रय

खराब मौसम को देखते हुए पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। बंदरगाह के ईस्टर्न क्वे-1 (EQ-1) बर्थ पर 305 मछुआरों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन तटीय क्षेत्रों में नावों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटा है। चिलिका झील में पर्यटक नौकाओं और फेरी सेवाओं का संचालन भी एहतियात के तौर पर स्थगित रखा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 26 अक्टूबर के बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात अर्नब बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में सक्रिय था और इसके और तीव्र होने की आशंका जताई गई थी।