पुडुचेरी, भारत: विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पुडुचेरी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए 35 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां लोगों और वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है। एसएसपी आर. कलाईवणन ने बताया, “9 अप्रैल को पुडुचेरी में चुनाव होने हैं, जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 35 चेकपोस्ट लगाए गए हैं और लोगों व वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “हर विधानसभा क्षेत्र में 3 फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं। 24 घंटे निगरानी की जा रही है और ड्रोन सर्विलांस का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।” पुलिस ने अब तक करीब 2600 लीटर शराब, प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद और लगभग 3 किलो सोना जब्त किया है।
The Election Commission holds a review meeting for central observers deployed across Assam, Kerala and Puducherry ahead of the upcoming Assembly polls.During the meeting, the Commission instructed the observers to ensure that elections are conducted in a festive mood, free and… pic.twitter.com/jHUxpWaSMn
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 1, 2026
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल बनाया गया
एसएसपी कलाईवणन ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी बनाया गया है, जो सभी पोस्ट और पेज पर नजर रख रहा है। ड्रोन निगरानी के जरिए नकदी वितरण के 2 मामले पकड़े गए हैं, जिनमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
#WATCH | Puducherry: Senior Superintendent of Police (Law & Order) R Kalaivanan says, "Puducherry is having elections on the 9th April. For this, we have done all the preparatory measures. Around 35 check posts have been established in Puducherry, and we are strictly monitoring… pic.twitter.com/M0onxQlrdb
— ANI (@ANI) April 1, 2026
पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा, 4 मई को मतगणना
चुनाव आयोग के अनुसार, पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को मतगणना की जाएगी। केंद्र शासित प्रदेश की 30 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 15 जून को समाप्त हो रहा है। राजनीतिक समीकरण की बात करें तो NDA गठबंधन में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC), भाजपा, AIADMK और LJK शामिल हैं।
वहीं, INDIA गठबंधन में कांग्रेस और DMK चुनाव मैदान में हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में AINRC 10 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि DMK, भाजपा और कांग्रेस को 6-6 सीटें मिली थीं। उस समय मतदान प्रतिशत 84.8% रहा था।