मदुरै, तमिलनाडु: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस जारी है और VCK ने अभी तक विजय को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान नहीं किया है। इस बीच CPI(M) के महासचिव M. A. Baby ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्यपाल सबसे बड़ी पार्टी या चुनाव बाद गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बुलाने की “समय-परीक्षित लोकतांत्रिक परंपरा” को नजरअंदाज कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव में VCK ने दो सीटें जीती हैं। सरकार बनाने के लिए TVK को 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत है और पार्टी फिलहाल बहुमत से सिर्फ एक विधायक दूर है। CPI और CPI(M) के दो-दो विधायक तथा कांग्रेस के पांच विधायक पहले ही विजय के नेतृत्व वाली TVK को समर्थन दे चुके हैं। ये दल तमिलनाडु में पारंपरिक DMK-AIADMK राजनीति से अलग बदलाव की बात कर रहे हैं।
सबसे बड़ी पार्टी को बुलाया जाए या गठबंधन को मौका दिया जाए
एमए बेबी ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पर निशाना साधते हुए कहा कि 'लोक भवन वह जगह नहीं है जहां किसी पार्टी का बहुमत साबित होता है।' उन्होंने कहा, “जनादेश साफ है। जनता ने मौजूदा सरकार को बाहर का रास्ता दिखाया, विपक्ष को स्पष्ट समर्थन नहीं दिया और लगभग एक नई पार्टी को चुन लिया। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में यह परंपरा स्पष्ट रही है कि या तो सबसे बड़ी पार्टी को बुलाया जाए या चुनाव बाद गठबंधन को मौका दिया जाए। तमिलनाडु के राज्यपाल इस समय-परीक्षित लोकतांत्रिक परंपरा को नजरअंदाज कर रहे हैं।”
#WATCH | Madurai, Tamil Nadu | CPI(M) General Secretary MA Baby says, "Our MLAs are supporting formation of govt by TVK. Now, VCK was also supposed to send a letter of support, which has not gone out yet.""The verdict is clear - they voted out the incumbent government, didn't… pic.twitter.com/fzvNcuxthj
— ANI (@ANI) May 9, 2026
"राज्यपाल जानना चाहते थे कि विजय बहुमत कैसे साबित करेंगे"
एमए बेबी ने आगे कहा, “राज्यपाल जानना चाहते थे कि विजय बहुमत कैसे साबित करेंगे। पूरे सम्मान के साथ मैं कहना चाहता हूं कि यह राज्यपाल का विषय नहीं है। लोक भवन वह जगह नहीं है जहां बहुमत की परीक्षा होती है, बल्कि विधानसभा के पटल पर बहुमत साबित होता है। हम राज्यपाल को पत्र लिखेंगे कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। हमारे विधायक TVK सरकार के गठन का समर्थन कर रहे हैं। VCK को भी समर्थन पत्र भेजना था, लेकिन अभी तक वह नहीं भेजा गया है।”
विजय, राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके
इससे पहले विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से लोक भवन में मुलाकात कर कई दलों के समर्थन के आधार पर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। अगर विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं तो वह 1967 के बाद DMK और AIADMK गठबंधनों से बाहर के पहले नेता होंगे जो तमिलनाडु की सत्ता संभालेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना है।