लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स (Exam Warriors)’ भेंट की और विद्यार्थियों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा की तैयारी का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से पुस्तक पढ़ने की आदत विकसित करने और अपने आसपास पुस्तक संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया।

गोमती पुस्तक महोत्सव का पांचवां संस्करण 12 से 20 सितंबर 2026 तक लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (NBT) की ओर से आयोजित इस महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल और 121 प्रकाशक शामिल हो रहे हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध हैं। पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समकालीन विषयों पर संवाद तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। आयोजन का उद्देश्य पाठकों, लेखकों, युवा रचनाकारों और साहित्य प्रेमियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।

‘युवा किताबें पढ़ना चाहते हैं, उन्हें किताबों तक पहुंचाना होगा’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह मानना सही नहीं है कि आज का युवा किताबों से दूर हो गया है। उनके अनुसार, जरूरत ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिससे अच्छी और उपयोगी किताबें युवाओं तक आसानी से पहुंच सकें। उन्होंने लखनऊ और गोरखपुर में आयोजित पुस्तक मेलों के अनुभव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गोमती पुस्तक महोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को किताबों और साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों से परिचित कराने के साथ उनकी पढ़ने की रुचि को भी बढ़ावा देते हैं।

बच्चों को ‘Exam Warriors’ पढ़ने की सलाह

मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ भेंट करते हुए इसे पढ़ने और इसके संदेशों को जीवन में अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुस्तक विद्यार्थियों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी उपयोगी है। गोमती पुस्तक महोत्सव के जरिए लखनऊ में अगले नौ दिनों तक साहित्य और ज्ञान से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन होगा। इससे विद्यार्थियों और युवाओं को पुस्तकों, लेखकों और विभिन्न विषयों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।