नई दिल्ली: लद्दाख में भूमि, संस्कृति और स्थानीय शासन की सुरक्षा को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने 19 सितंबर से ‘लेह चलो आंदोलन’ शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने एक सप्ताह के भीतर जरूरी आश्वासन नहीं दिया तो यह आंदोलन देशव्यापी प्रदर्शन का रूप ले सकता है।
दिल्ली में जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के प्रतिनिधि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के साथ बातचीत के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य मुद्दा लद्दाख की संस्कृति, प्रकृति और जमीन की सुरक्षा है। वांगचुक के मुताबिक, प्रतिनिधियों ने सरकार से केवल यह आश्वासन मांगा है कि जब तक लद्दाख में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित नहीं होती, तब तक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन ऐसे बड़े फैसले न ले, जिनसे लद्दाख का स्वरूप बदल सकता है। उन्होंने इसे एक “छोटा और वैध आश्वासन” बताया।
LADAKH CALLING THE NATION !Leh Chalo Andolan, in support of Ladakh & in memory of our Martyrs.Ladakh has always stood for the nation,Now it's the nation's turn to save Ladakh! pic.twitter.com/jzcQB20Jar
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) September 11, 2026
सरकार को एक सप्ताह का समय
सोनम वांगचुक ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर आश्वासन देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर सरकार उनकी मांग पर सकारात्मक आश्वासन देती है, तो 19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा को लद्दाख के लिए बलिदान देने वाले लोगों की याद में ‘स्मृति पदयात्रा’ के रूप में आयोजित किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार की ओर से आश्वासन नहीं मिलता है तो यह आंदोलन बड़े प्रदर्शन में बदल सकता है और इसमें देशभर से लोग शामिल हो सकते हैं।
19 से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा
सोनम वांगचुक ने बताया कि प्रस्तावित ‘लेह चलो आंदोलन’ 19 सितंबर से शुरू होगा और 24 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने देश के लोगों से लद्दाख के मुद्दे पर समर्थन देने की अपील भी की। उनके अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य लद्दाख की जमीन, पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय शासन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करना है।
9 सितंबर को गृह मंत्रालय के साथ हुई थी बैठक
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के प्रतिनिधियों ने 9 सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक उपसमिति के साथ बातचीत की थी। LAB और KDA लद्दाख के लिए अधिक प्रशासनिक स्वायत्तता और राजनीतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रमुख समूह हैं। लद्दाख में लंबे समय से भूमि, पर्यावरण, संस्कृति और स्थानीय प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों को लेकर मांगें उठती रही हैं। वांगचुक का नया आंदोलन इन्हीं मुद्दों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट आश्वासन की मांग के बीच सामने आया है।
Add GTC Bharat on Google