कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना के तहत नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जुलाई से लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वर्चुअल बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि बैठक में कई केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा, “आज हमारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वर्चुअल बैठक हुई। इस बैठक में कई योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा की गई। पिछली सरकार ने कई तरीकों से केंद्र सरकार का विरोध किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2015, 2016 और 2017 में डेंगू से जुड़ा कोई डेटा राज्य सरकार ने साझा नहीं किया था।”
Howarah: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "Today, we had a meeting with Union Health Minister JP Nadda virtually. Several schemes and projects were reviewed in this meeting. The last government opposed the central government in several ways. The Union Health Minister said… pic.twitter.com/cQVOqvHz4m
— ANI (@ANI) May 23, 2026
आयुष्मान भारत के लिए नामांकन शुरू हो चुका है
इसके आगे उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के लिए नामांकन शुरू हो चुका है और उम्मीद है कि जुलाई महीने से लोगों को इसका लाभ मिलने लगेगा। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने टीएमसी पर जमीन आवंटन में देरी का लगाया आरोप
इससे पहले 20 मई को सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि राज्य सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 27 किलोमीटर जमीन सौंपने को तैयार है। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन आवंटन में देरी और बाधा डालने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सहयोग की कमी से राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठ रोकने के प्रयास प्रभावित हुए।
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