ED ने कोयला चोरी मामले में IPAC के निदेशक विनेश चंदेल को किया गिरफ्तार...

By  Preeti Kamal April 14th 2026 10:51 AM

नई दिल्ली, भारत: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (IPAC) के निदेशक विनेश चंदेल को कथित कोयला चोरी (पिल्फरेज) मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।

विनेश चंदेल IPAC के संस्थापक, निदेशक और 33 प्रतिशत शेयरधारक हैं। उन्हें सोमवार को गिरफ्तार किया गया, जब ईडी ने दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। गिरफ्तारी के बाद चंदेल को अदालत में पेश किया गया, जहां पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया।

 फर्जी बिल और इनवॉइस की जांच जारी है 

ईडी के अनुसार, अब तक की जांच में IPAC द्वारा वित्तीय अनियमितताओं और धन शोधन के कई तरीकों का खुलासा हुआ है। इनमें खाताबद्ध और गैर-खाताबद्ध धन की प्राप्ति, बिना किसी व्यावसायिक आधार के असुरक्षित ऋण लेना, फर्जी बिल और इनवॉइस जारी करना, तीसरे पक्ष से धन प्राप्त करना और हवाला चैनलों (अंतरराष्ट्रीय हवाला सहित) के जरिए नकदी का लेन-देन शामिल है।

लेन-देन से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए गए

जांच में यह भी सामने आया है कि IPAC लगभग 50 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को वैध बनाने में शामिल था। जांच के दौरान लेन-देन से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। तलाशी अभियान भी चलाए गए, जिनमें आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। इस मामले में विनेश चंदेल की भूमिका सामने आई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत, यदि किसी कंपनी में अपराध निदेशकों की सहमति, मिलीभगत या लापरवाही से हुआ है, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होते हैं।

मामले में आगे की जांच जारी है

इससे पहले जनवरी 2026 में, पश्चिम बंगाल में फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले की जांच के तहत ईडी ने देशभर में 15 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें कोलकाता स्थित IPAC का कार्यालय भी शामिल था। आरोप है कि एक संगठित गिरोह उम्मीदवारों को फर्जी नियुक्ति का लालच देकर ठग रहा था।

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