पटना, बिहार: सम्राट चौधरी ने शनिवार को घोषणा की कि NEET-UG 2026 री-एग्जाम देने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए बिहार की सरकारी बस सेवाओं में यात्रा मुफ्त होगी। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए राज्य के मठों, मंदिरों और गैर-सरकारी संगठनों से अपील की कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए स्वच्छ पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।
उन्होंने लिखा, “NEET परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बिहार राज्य की सभी सरकारी बसों में यात्रा निःशुल्क रहेगी। साथ ही जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिर और गैर-सरकारी संगठनों से अनुरोध है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए पेयजल, सत्तू आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।”
NEET-UG 2026 विवाद पर चिराग पासवान ने भी दर्ज कराई आपत्ति
इससे पहले केंद्रीय मंत्री और चिराग पासवान ने NEET-UG 2026 विवाद पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह की प्रतिक्रिया की आलोचना की।
पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला बेहद गंभीर है और भविष्य में ऐसी घटनाएं स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा, “यह गंभीर मुद्दा है और इस पर सिर्फ बयानबाजी नहीं हो सकती। जांच जारी है और गिरफ्तारियां हो रही हैं। सिस्टम को संवेदनशील बनाना होगा। भविष्य में यह स्वीकार्य नहीं होगा।”
'पूरा प्रश्नपत्र नहीं हुआ था लीक, कुछ सवाल थे मिलते-जुलते'
यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। सूत्रों के मुताबिक, NTA अधिकारियों ने संसदीय स्थायी समिति को बताया कि पूरा प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल ही सामने आए थे।
सूत्रों के अनुसार, NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने समिति को बताया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए सुझाए गए कई सुधार लागू किए जा चुके हैं और बाकी उपायों पर काम जारी है। अधिकारियों ने कहा कि कथित पेपर लीक NTA सिस्टम से नहीं हुआ था। साथ ही उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द होने के पीछे लीक सवालों के प्रसार की जांच सीबीआई कर रही है।
NTA ने दिया जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला
NTA ने “जीरो टॉलरेंस” नीति का हवाला देते हुए परीक्षा रद्द करने का बचाव किया और कहा कि सीमित स्तर पर भी प्रश्नों से समझौता प्रतियोगी परीक्षाओं में जनता के भरोसे को कमजोर कर सकता है। संसदीय स्थायी समिति ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों की समीक्षा भी की और अगले वर्ष से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा की।
पेपर लीक के चलते रद्द कर दी गई NEET-UG परीक्षा
NEET-UG 2026 विवाद के कारण 3 मई को भारत के 551 शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसमें 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। री-एग्जाम 21 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तय कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित किया जाएगा।