हरियाणा के ₹504 करोड़ के फंड घोटाले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दो बैंक अधिकारी गिरफ्तार
सीबीआई ने यह भी बताया कि उसने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला क्रेस्ट (CREST) चंडीगढ़ से संबंधित है।
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा सरकार के विभागों के धन के कथित गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तत्कालीन एरिया हेड शमीम डार और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, मोहाली शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर चरणजीत सिंह रंधावा को गिरफ्तार किया है। सीबीआई के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अपने-अपने बैंकिंग पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बैंक खाते खुलवाने और धोखाधड़ी वाले वित्तीय लेनदेन को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं खातों के जरिए सरकारी धन को दूसरी जगह ट्रांसफर किया गया।
जांच के दौरान दोनों के खिलाफ पर्याप्त आपत्तिजनक साक्ष्य मिले, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जा रहा है। सीबीआई ने बताया कि यह मामला हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से राज्य सरकार के अनुरोध पर अपने हाथ में लिया था।
आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये गबन किए
जांच के अनुसार, चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) और डेबिट नोट के जरिए गबन किए गए। बाद में यह रकम शेल कंपनियों तक पहुंचाई गई।अब तक इस मामले में सीबीआई कुल 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें:
- 6 बैंक अधिकारी (आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक)
- 3 हरियाणा सरकार के सरकारी कर्मचारी
- 2 कंपनियां
- 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।
चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच सीबीआई के पास
सीबीआई ने यह भी बताया कि उसने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड (सीएससीएल) और चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला क्रेस्ट (CREST) चंडीगढ़ से संबंधित है। इन दोनों मामलों में भी सीबीआई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
सीएससीएल मामले में 5 बैंक अधिकारियों, 1 सीएससीएल अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है, जबकि क्रेस्ट मामले में 5 बैंक अधिकारी, 2 क्रेस्ट अधिकारी, 4 निजी व्यक्ति और 2 कंपनियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया है। सीबीआई ने कहा कि सार्वजनिक धन के गबन में शामिल सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और गबन की गई पूरी राशि के प्रवाह (मनी ट्रेल) का पता लगाने की कार्रवाई जारी रहेगी।