राहुल गांधी के 54 विदेशी दौरों की फंडिंग पर बीजेपी ने उठाए सवाल

By  Preeti Kamal May 14th 2026 12:10 PM -- Updated: May 14th 2026 11:13 AM

नई दिल्ली, भारत: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विदेशी दौरों के खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने पिछले 22 वर्षों में 54 विदेश यात्राओं पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संबित पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी ने निर्वाचित पद पर रहते हुए कई विदेश यात्राएं कीं, लेकिन इन दौरों की फंडिंग का स्रोत सार्वजनिक नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी करीब 22 वर्षों से निर्वाचित पद पर हैं। इन वर्षों में उन्होंने कई बार विदेश यात्राएं कीं। आधिकारिक तौर पर उनकी 54 विदेश यात्राएं सामने आई हैं। ये यात्राएं सार्वजनिक हैं, लेकिन इनकी फंडिंग सार्वजनिक नहीं है।” भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की हर विदेश यात्रा में 3-4 लोग साथ जाते थे और इन दौरों पर कुल खर्च करीब 60 करोड़ रुपये हुआ।

राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर 60 करोड़ रुपये खर्च हुए

संबित पात्रा ने कहा, “हर विदेश यात्रा में उनके साथ 3-4 लोग जाते थे। उनकी विदेशी यात्राओं पर कुल 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि इन यात्राओं का खर्च आखिर किसने उठाया। पात्रा ने कहा, “हमारे पास 2013-14 से 2022-23 तक राहुल गांधी की आय का विवरण है। 10 वर्षों में उनकी आय 11 करोड़ रुपये रही। 11 करोड़ की आय में राहुल गांधी ने 60 करोड़ रुपये खर्च कैसे किए?”

भाजपा सांसद ने आगे पूछा कि क्या इन यात्राओं की फंडिंग निजी तौर पर हुई, भारत सरकार ने की या किसी विदेशी एजेंसी ने। उन्होंने कहा, “सवाल यह उठता है कि जब राहुल गांधी विदेश जाते हैं तो उनकी फंडिंग भारत सरकार करती है या कोई विदेशी एजेंसी? अगर विदेशी फंडिंग हुई है तो एफसीआरए के प्रावधान लागू होते हैं। अगर यह निजी फंडिंग है तो इसे आयकर कानून के तहत घोषित करना जरूरी है।”

राहुल गांधी ने की थी पीएम मोदी की अपीलों की आलोचना

यह बयान उस समय आया जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सात अपीलों” की आलोचना की थी। प्रधानमंत्री ने सिकंदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देने, ईंधन की खपत कम करने, एक साल तक विदेश यात्रा से बचने, स्वदेशी उत्पाद अपनाने, खाद्य तेल की खपत कम करने, प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने और सोने की खरीद कम करने की अपील की थी।

राहुल गांधी ने इन अपीलों को “उपदेश नहीं, बल्कि विफलता का प्रमाण” बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “ये उपदेश नहीं हैं, बल्कि असफलता के सबूत हैं। 12 साल शासन करने के बाद अब सरकार लोगों को बता रही है कि क्या खरीदना है, क्या नहीं खरीदना है, कहां जाना है और कहां नहीं जाना है।” कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए दोहराया कि “देश चलाना अब प्रधानमंत्री की पहुंच से बाहर हो गया है।”

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.