TMC में सियासी भूचाल, बागी सांसदों के विलय प्रस्ताव पर जल्द फैसला संभव
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों द्वारा अलग गुट बनाकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का दावा किए जाने के बाद मामला अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेंगे।
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले आधिकारिक TMC गुट को बैठक के लिए ईमेल भेजा है। अध्यक्ष ओम बिरला बागी सांसदों के विलय संबंधी अनुरोध पर फैसला लेने से पहले पार्टी नेतृत्व का पक्ष भी सुनना चाहते हैं। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब TMC के 20 असंतुष्ट सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने समूह के एनसीपीआई में विलय का दावा किया और अलग पहचान देने की मांग की।
असली TMC वही है जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं- कीर्ति आजाद
इस बीच, TMC सांसद कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों के कदम को भ्रामक और अलोकतांत्रिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि असली TMC वही है जिसका नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं। कीर्ति आजाद ने कहा, "लोकसभा अध्यक्ष को दिए गए हमारे पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि असली TMC ममता बनर्जी की है, क्योंकि राजनीतिक दल उन्हीं का है। बागी सांसदों द्वारा दिया गया पत्र भ्रामक है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि बागी सांसद व्यक्तिगत हितों से प्रेरित हैं और उनके बीच ही मंत्री पदों को लेकर संघर्ष चल रहा है। आजाद ने कहा, "इन बागियों के बीच इस बात को लेकर विवाद है कि कौन मंत्री बनेगा। जिस पार्टी में विलय का दावा किया जा रहा है, उसका संसद में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। वह न तो मान्यता प्राप्त है और न ही उसका कोई राजनीतिक आधार है।"
बागी सांसदों ने दिया संविधान का हवाला
TMC सांसद ने NCPI की वैधता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिस दल का संसद में कोई अस्तित्व नहीं है, उसमें विलय का दावा लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि 14 जून को वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की थी। बागी गुट का दावा है कि उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई संख्या का समर्थन हासिल कर लिया है और इसलिए उनका विलय वैध है।
बागी गुट का दावा, TMC के कुल सांसदों में से 20 सांसद हमारे साथ
बागी गुट ने दावा किया है कि TMC के कुल सांसदों में से 20 सांसद उनके साथ हैं, जो दो-तिहाई की संवैधानिक सीमा से अधिक है। इसी आधार पर उन्होंने NCPI में विलय का दावा पेश किया है। वहीं, त्रिपुरा आधारित नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) ने भी इन सांसदों का स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन सचिव शांतनु डे ने कहा कि यह दल के विस्तार का अवसर है और पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अब सभी की निगाहें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अगले कदम पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों से चर्चा के बाद ही इस राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई औपचारिक फैसला लिया जाएगा।