सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल: नव नियुक्त पश्चिम बंगाल के मंत्री शंकर घोष ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने 15 वर्षों के शासन के बाद ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर दिया है। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई।
शंकर घोष ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को सत्ता से हटा दिया है। लोग अब समझ चुके हैं कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में किस तरह की राजनीति की है।" नए मंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद सिलीगुड़ी में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
#WATCH | Siliguri, West Bengal | Newly appointed State Cabinet Minister Shankar Ghosh says, “...Mamata Banerjee was removed from power by the people of West Bengal, who now know what kind of politics she has done in the past 15 years…” pic.twitter.com/pKxD32E6Zf
— ANI (@ANI) June 7, 2026
TMC पर ममता बनर्जी की पकड़ अब कमज़ोर हो गई- अग्निमित्रा पॉल
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि ममता बनर्जी की TMC पर पकड़ धीरे-धीरे कमजोर हो रही है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच बढ़ते मतभेदों पर भी सवाल उठाए। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद देश की जनता ने इंडिया गठबंधन को नकार दिया है।
उन्होंने कहा, "TMC बिखर चुकी है। मूल TMC अब ममता बनर्जी के नियंत्रण में नहीं है। वह फिर से दिल्ली जाकर राजनीतिक हलचल पैदा करना चाहती हैं। इंडिया गठबंधन कहां है? सीपीएम महासचिव एम. ए. बेबी पहले ही कांग्रेस को पत्र लिख चुके हैं। डीएमके भी बैठक में शामिल नहीं हो रही है। जनता ने इंडिया गठबंधन को पूरी तरह खारिज कर दिया है।"
#WATCH | Bagdogra | West Bengal Minister Agnimitra Paul says, "The TMC is in shambles. The original TMC party is out of Mamata Banerjee's hands. She is going to Delhi to again create commotion...Where is the INDIA alliance? CPI-M General Secretary, M A Baby, has already written a… pic.twitter.com/Zt5wPG7d5t
— ANI (@ANI) June 7, 2026
जब पार्टी के लोग साथ नहीं, तो दूसरे साथ क्यों देंगे- दिलीप घोष
इस बीच, TMC के भीतर मतभेदों और लोकसभा सांसदों के बीच संभावित टूट की अटकलों के बीच पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "जब उनकी अपनी पार्टी उनके साथ नहीं है, तो दूसरे उनके साथ क्यों रहेंगे?"
रिपोर्टों के अनुसार, TMC से 58 विधायकों के विद्रोह के बाद 20 लोकसभा सांसदों के भी अलग होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस विद्रोह का नेतृत्व निष्कासित नेता रितब्रत बनर्जी ने किया। 58 विधायकों ने रितब्रत बनर्जी के समर्थन में उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना है।
ममता बनर्जी विद्रोही विधायकों के समूह की 'मुख्य सलाहकार'
रितब्रत बनर्जी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे एक-एक कदम आगे बढ़ रहे हैं और दो-तिहाई विधायकों का समर्थन उनके साथ है। उन्होंने यह भी कहा कि वह ममता बनर्जी को विद्रोही विधायकों के समूह की "मुख्य सलाहकार" के रूप में देखना चाहते हैं।
डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त सचिव नियुक्त
इधर, पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच TMC ने संगठनात्मक फेरबदल करते हुए डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन को राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त सचिव नियुक्त किया है। दोनों नेता अभिषेक बनर्जी के साथ मिलकर संगठनात्मक कार्यों में सहयोग करेंगे। 8 जून को इंडिया गठबंधन की बैठक होने जा रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC को केवल 80 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने 294 में से 208 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया।
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