नासिक, महाराष्ट्र: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच महाराष्ट्र के नासिक से गए 40 से 45 पर्यटकों को लेकर राहत की खबर सामने आई है। नासिक के संरक्षक मंत्री गिरीश महाजन ने गुरुवार को पुष्टि की कि नेपाल में फंसे सभी पर्यटकों से संपर्क स्थापित हो गया है और वे सुरक्षित हैं। मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि पर्यटकों के परिजन उनसे मिलने पहुंचे थे, क्योंकि पहले उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालांकि, बाद में पर्यटकों से संपर्क स्थापित होने की सूचना मिलने पर परिजनों को राहत मिली।

गिरीश महाजन ने कहा कि नासिक के पर्यटक नेपाल गए हुए हैं और उन्होंने कुछ समय पहले ही उनसे संपर्क होने की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा, “वहां पर्यटक गए हुए हैं और मैंने अभी कुछ समय पहले उनसे बात की। उनके परिजन मुझसे मिलने आए थे और उन्होंने बताया कि अब उनसे संपर्क स्थापित हो गया है।” मंत्री ने बताया कि नासिक के करीब 40 से 45 पर्यटक नेपाल में मौजूद हैं। उनके परिजन सुबह से संपर्क की जानकारी लेने के लिए उनके पास पहुंच रहे थे। महाजन के अनुसार, बुधवार को पर्यटकों से संपर्क करने की कोशिश सफल नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में उनसे संपर्क स्थापित हो गया और परिजनों ने उन्हें इसकी जानकारी दी।

सभी पर्यटकों के सुरक्षित होने की पुष्टि

गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया कि नासिक से गए सभी 40-45 पर्यटक सुरक्षित हैं। नेपाल में बाढ़ और व्यापक तबाही की खबरों के बीच संपर्क स्थापित होने से उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत अभियान जारी है तथा प्रशासन अभी भी अन्य लापता लोगों का पता लगाने में जुटा हुआ है।

ग्लेशियर या बर्फीली चट्टान के धंसने के बाद आई भीषण बाढ़

नेपाल-चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी सीमा बिंदु से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में कथित तौर पर ग्लेशियर या बर्फीली चट्टान के ढहने के बाद बुधवार सुबह ल्हेंडे खोला (Lhende Khola) में मलबे से भरी तेज बाढ़ आई। बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी (Bhote Koshi River) में पहुंचा और रसुवागढ़ी, तिमुरे तथा स्याफ्रु बेसी जैसे इलाकों को प्रभावित करते हुए आगे त्रिशूली नदी तक पहुंच गया। इस आपदा का असर रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन जिलों में भी देखा गया है। कई इलाकों में सड़क और पुलों समेत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

राहत और बचाव अभियान जारी

नेपाल में प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं। प्रशासन की ओर से भोजन, स्वच्छ पेयजल और दवाओं की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा बल और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश तथा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान चला रही हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, गुरुवार को ट्रेकिंग और ट्रैवल एजेंसियों के प्रारंभिक रिकॉर्ड के आधार पर प्रभावित क्षेत्र से 644 यात्री लापता बताए गए, जिनमें 178 भारतीय नागरिक शामिल हैं। हालांकि, ये आंकड़े सत्यापन और बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं।