कोलकाता, पश्चिम बंगाल: बिधाननगर नगर निगम के पूर्व मेयर सब्यसाची दत्ता को एक कारोबारी से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सब्यसाची दत्ता को मंगलवार को बिधाननगर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

सब्यसाची दत्ता का पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबा और उतार-चढ़ाव भरा सफर रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुए और बिधाननगर नगर निगम के पहले मेयर बने। वर्ष 2019 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा, लेकिन 2021 में फिर TMC में लौट आए।

हाल के दिनों में कई TMC नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई

वह राजारहाट न्यू टाउन से विधायक भी रह चुके हैं। हाल ही में हुए 2026 विधानसभा चुनाव में उन्होंने बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार शंकर चटर्जी से 34,558 वोटों के अंतर से हार गए। यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कई राजनीतिक नेताओं के खिलाफ कार्रवाई देखने को मिली है।

पूर्व TMC विधायक जहांगीर खान की भी हुई थी गिरफ्तारी

इससे पहले पूर्व टीएमसी विधायक जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (TMC) और दार्जिलिंग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, कथित नौकरी घोटाले के मामले में TMC नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा पारितोष दत्ता को हथियार मामले में और TMC नेता राजीब बनर्जी को कथित राशन घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में जांच जारी है

इन घटनाक्रमों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव भी देखने को मिल रहा है। राज्य में 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद TMC के सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 20 TMC सांसदों ने पार्टी की वर्तमान राजनीतिक दिशा से अलग रुख अपनाने और भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ जाने की इच्छा जताई है।