मुंबई: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को भारी गिरावट के साथ हुई। Nifty 50 अहम 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया, जबकि Sensex में 665 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों, कमजोर रुपये और ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। बाजार में मंगलवार को Nifty और बैंक Nifty के महीने के अंत वाले अनुबंधों की समाप्ति को लेकर भी उतार-चढ़ाव बढ़ने की आशंका है। वैश्विक बाजार संकेतों में भी कच्चे तेल की कीमत और भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख दबाव कारक बने हुए हैं।
सुबह करीब 9:22 बजे Sensex 665.36 अंक यानी 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,230.38 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 215 अंक यानी 0.93 प्रतिशत गिरकर 22,925.50 पर पहुंच गया। Nifty ने दिन की शुरुआत 23,064.90 के स्तर से की थी और शुरुआती कारोबार में 23,080.25 तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद बिकवाली बढ़ने से यह 22,914.10 के निचले स्तर तक चला गया।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आया। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 106.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिसमें करीब 2.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है। ऐसे में तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी रहने से आयात बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। सोमवार को वैश्विक बाजारों में भी तेल की कीमतों में उछाल निवेशकों के लिए प्रमुख चिंता बना रहा।
News Alert! Sensex tanks 730 points to 73,170.12 in early trade; Nifty drops 231.50 points to 22,908.95. pic.twitter.com/3YsiLTdZ01
— Press Trust of India (@PTI_News) September 28, 2026
महीने के अंत की समाप्ति से बढ़ सकती है अस्थिरता
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मंगलवार को Nifty और बैंक Nifty के महीने के अंत वाले अनुबंधों की समाप्ति होने वाली है। ऐसे में पहले से दबाव में चल रहे बाजार में कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड और मुद्रा बाजार पर निवेशकों की नजर रहेगी।
उन्होंने कहा कि तेल की तेजी, रुपये पर दबाव और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भारतीय बाजारों के लिए एक साथ कई चुनौतियां पैदा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू निवेशकों की खरीदारी विदेशी निवेशकों की बिकवाली के असर को कुछ हद तक कम कर रही है, लेकिन प्राथमिक बाजार से आने वाली भारी आपूर्ति व्यापक तेजी की संभावना को सीमित कर रही है।
Nifty के लिए 23,300 अहम स्तर
एक्सिस डायरेक्ट के वरिष्ठ शोध विश्लेषक हेमंग गोर के मुताबिक, बाजार का रुझान फिलहाल सतर्क बना हुआ है। उन्होंने कहा कि Nifty के 23,300 के नीचे रहने तक बाजार का माहौल कमजोर रह सकता है। वहीं बाजार विश्लेषक विपिन दीक्षित ने Nifty के लिए 22,800–22,700 के स्तर को महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र बताया है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 23,300 पहला अहम अवरोध है और इसके बाद 23,500 महत्वपूर्ण स्तर रहेगा।
इससे पहले भी भारतीय बाजार ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, महंगे कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में रहा है। 24 सितंबर को Nifty और Sensex में तेज गिरावट दर्ज हुई थी और दोनों सूचकांक तीन महीने के निचले स्तरों के आसपास पहुंच गए थे।
बैंक और वित्तीय शेयरों में दबाव
क्षेत्रीय सूचकांकों में Nifty प्राइवेट बैंक 1.02 प्रतिशत, पीएसयू बैंक 0.95 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएं 0.93 प्रतिशत, मेटल 0.93 प्रतिशत और एफएमसीजी 0.89 प्रतिशत नीचे रहे। इसके विपरीत Nifty आईटी में करीब 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज हुई और यह शुरुआती कारोबार में सकारात्मक क्षेत्र में रहने वाला प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक रहा।
इन शेयरों में दिखी हलचल
Nifty के शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, टीसीएस और एसबीआई लाइफ बढ़त वाले शेयरों में रहे। वहीं हिंडाल्को, मैक्स हेल्थकेयर और अडानी एंटरप्राइजेज प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।
सोने की कीमत में भी गिरावट
शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत भी दबाव में रही। सोना करीब 2.09 प्रतिशत गिरकर 4,195.30 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार के सामने इस समय महंगा कच्चा तेल, रुपये पर दबाव, ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसी कई चुनौतियां हैं। इसके अलावा महीने के अंत की डेरिवेटिव समाप्ति के कारण आने वाले सत्र में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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