उत्तरकाशी, उत्तर प्रदेश: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से आने वाले घंटों में उत्तरकाशी जिले में बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को ट्रेकिंग रूट पर मौजूद यात्रियों, चारधाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से ट्रेकिंग रूट और बेस कैंप में मौजूद ट्रेकर्स की स्थिति पर नजर रखने को कहा है। मौसम बिगड़ने की स्थिति में संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाकर ट्रेकर्स को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

भूस्खलन और सड़क बंद होने की आशंका

भारी बारिश के कारण जिले में भूस्खलन, नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने तथा सड़कों के बाधित होने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील और संभावित रूप से खतरनाक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आवाजाही करने की सलाह दी गई है।

जेसीबी, राशन और दवाइयां तैयार रखने के निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। सड़क बाधित होने या किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी मशीनें, जरूरी खाद्य सामग्री, दवाइयां और वैकल्पिक संचार व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान सड़क संपर्क बाधित होने या किसी अन्य आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को तत्काल शुरू करना है।

हर्षिल में दो एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात

चारधाम यात्रियों, ट्रेकर्स और अन्य पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को हर्षिल में दो एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल की मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों और पर्यटकों की स्वास्थ्य जांच तथा तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

नदियों और बरसाती नालों से दूर रहने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और बरसाती नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। अचानक जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

किसी भी आपात स्थिति में लोगों से जिला आपदा संचालन केंद्र की हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना देने को कहा गया है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अधिकारियों के निर्देशों में सहयोग करने की अपील की है।