नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि जारी छात्रों के प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं पर पथराव करने और प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया।

पत्रकारों से बातचीत में दिपके ने कहा कि प्रदर्शन पिछले एक महीने से जारी है और इस दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के जोर पकड़ने के बाद स्थिति बदल गई। उन्होंने कहा, “प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा है। हम एक महीने से यहां बैठे हैं। एक महीने में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। लेकिन अब, जब यह प्रदर्शन बड़ा हो गया है, तो BJP की ओर से लोगों को जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए भेजा जा रहा है।”

'BJP के लोग कर रहे हैं पथराव': CJP प्रतिनिधि का आरोप

दिपके ने आरोप लगाया, “पथराव करने वाले लोग BJP से जुड़े हैं। पुलिस यहां पत्थरों से भरे ट्रक लाती है। BJP के लोग आते हैं, पथराव करते हैं और फिर CJP के लोगों को बदनाम करते हैं।” उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को बेहद क्रूर बताया। दिपके ने कहा कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत का रुख किया जाएगा।

प्रदर्शन का 34वां दिन, सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन जारी

दिपके ने बताया कि प्रदर्शन 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जबकि सोनम वांगचुक का अनशन 26वें दिन भी जारी है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, दिपके ने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, “हम सोनम सर से अनशन खत्म करने का अनुरोध कर रहे हैं, क्योंकि हम उनकी जान नहीं गंवा सकते।”

'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गैर-परक्राम्य': सौरव दास

CJP के सौरव दास ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को “गैर-परक्राम्य” बताया। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। दास ने कहा कि उन्होंने दिन में कई बार सोनम वांगचुक से बातचीत की और दोनों इस बात पर सहमत हैं कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि वांगचुक ने भी प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और प्रदर्शन को सही तरीके से संचालित करने की सार्वजनिक अपील की है।

दास ने आरोप लगाया कि देश में पहले भी कई प्रदर्शनों के दौरान सत्तारूढ़ व्यवस्था द्वारा असामाजिक तत्वों को प्रदर्शन में शामिल कर आंदोलन को भटकाने की कोशिश की गई। इसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को ही दोषी ठहराया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में ऐसा नहीं होना चाहिए।

जेपी नड्डा बोले- पेपर लीक जैसे मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इसे गंभीर समस्या बताते हुए इस पर गहन चर्चा की जरूरत बताई। राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा कि सरकार संसद में NEET-UG पेपर लीक मामले के सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है।