नई दिल्ली: संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सोमवार को हल्का लाठीचार्ज किया। जंतर-मंतर से शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजधानी में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।
CJP के प्रदर्शन मार्च और संसद के आगामी सत्र को देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के कई जवानों को भी आसपास तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। यह प्रावधान पहले लागू रही दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 के अनुरूप है। पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, पांच या उससे अधिक लोगों के जुलूस, मार्च, प्रदर्शन और सभाओं पर रोक है। हालांकि, पूर्व अनुमति के साथ जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर सभा की अनुमति है।
#WATCH | Delhi: Rapid Action Force (RAF) and Delhi Police personnel at Jantar Mantar as security has been heightened in view of the CJP's call for a March to Parliament today pic.twitter.com/Qf604fWnuK
— ANI (@ANI) July 20, 2026
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई
दिल्ली पुलिस ने कहा कि 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने के मद्देनजर सार्वजनिक सुरक्षा, सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने आगे चेतावनी दी कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और कानून की अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और अन्य कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में संसद की ओर प्रस्तावित प्रदर्शन मार्च को देखते हुए संसद परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, संगठन ने इस मार्च के लिए आधिकारिक अनुमति लेने के लिए अब तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। इस मार्च की घोषणा पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने की थी, जिन्हें शनिवार सुबह अस्पताल ले जाया गया था।
संसद तक किसी प्रस्तावित मार्च के लिए CJP ने नहीं मांगी अनुमति- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जारी अपनी एडवाइजरी में स्पष्ट किया कि CJP की ओर से संसद तक किसी प्रस्तावित मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही अनुमति दी गई है। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। इससे पहले सोमवार को सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, जिनमें पेपर लीक भी शामिल हैं, उसकी जवाबदेही स्वीकार करती है, तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सांसद उन्हें आश्वासन देते हैं कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में उठाया जाएगा, तो भी वह अपना अनशन खत्म कर देंगे।
भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए सोनम वांगचुक ने रखी तीन शर्तें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की तीन संभावित शर्तें बताईं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था की हालिया विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जवाबदेही स्वीकार करती है, या अगर वह और CJP का नेतृत्व संसद के दरवाजे तक पहुंचता है और विभिन्न दलों के सांसद व नेता उन्हें आश्वासन देते हैं कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे।
WHEN WILL I END THE FAST….!Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
पोस्ट में वांगचुक ने 'अवैध हिरासत' का किया उल्लेख
सोनम वांगचुक ने यह भी कहा कि यदि उनका स्वास्थ्य या अन्य परिस्थितियां उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देती हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें वही आश्वासन दे सकते हैं। वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में कथित 'अवैध हिरासत' का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उनकी आवाजाही, बोलने और संवाद करने की स्वतंत्रता प्रतिबंधित है।
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