नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जारी छात्र प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी नैरेटिव और गलत खबरों को लेकर लोगों को चेतावनी दी। पुलिस ने खास तौर पर 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत से जुड़ी खबर को फर्जी बताया है। राजधानी में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम, पर बड़ी संख्या में फर्जी पोस्ट प्रसारित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “कॉकरेच जनता पार्टी की ओर से पिछले कई हफ्तों से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन चल रहा है। सोशल मीडिया पर जानकारी बहुत तेजी से वायरल होती है, लेकिन हर पोस्ट, वीडियो या तस्वीर जरूरी नहीं कि सही हो। किसी भी जानकारी पर भरोसा करने या उसे आगे साझा करने से पहले उसका फैक्ट-चेक करना बेहद जरूरी है। दिल्ली पुलिस भी सोशल मीडिया पर लगातार नजर रख रही है।”
20 जुलाई को मौत की खबर फर्जी
डीसीपी ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फर्जी खबरों, एआई और डीपफेक वीडियो, एडिटेड क्लिप और भ्रामक पोस्ट से जुड़ी जानकारी लगातार साझा कर रही है, ताकि लोग सही और गलत सूचना के बीच अंतर कर सकें। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई। प्रदर्शन के दौरान किसी की भी मौत नहीं हुई।”
#WATCH | Delhi: On the misleading and false information related to Jantar Mantar protest, DCP Central Rohit Rajbir Singh says, "A protest has been going on at Jantar Mantar for the past several weeks by the Cockroach Janata Party... Information on social media goes viral very… pic.twitter.com/eStIyMXa1Y
— ANI (@ANI) July 25, 2026
400 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक
दिल्ली पुलिस ने पहले एक्स पर जारी एक नोटिस में भी कहा था कि जिस महिला की मौत की खबर सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी, वह जिंदा है और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित इस फर्जी दावे का खंडन किया था। डीसीपी ने आगे कहा कि पुलिस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट फर्जी सामग्री फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे और अकाउंट्स की पहचान करने में जुटी है। अब तक 400 से ज्यादा सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है। इन हैंडल्स पर प्रदर्शन से जुड़ी एआई-जनरेटेड सामग्री, डीपफेक वीडियो, एडिटेड तस्वीरें और अन्य झूठी सामग्री फैलाने का आरोप है।
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ हैंडल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी फर्जी जानकारी फैलाते पाए गए थे। इन अकाउंट्स ने वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक बयानों को एडिट कर और दृश्य सामग्री में हेरफेर कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी। इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। प्रदर्शन स्थल के आसपास अतिरिक्त बैरिकेड लगाए गए हैं।
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