रांची, झारखंड: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले करीब 600 युवाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की जरूरत है।
संजय सेठ ने दावा किया कि झारखंड में विरोध प्रदर्शन करने वाले युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब न दंगा हुआ और न ही पत्थरबाजी, तो प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों दर्ज की गईं। उन्होंने कहा कि एक तरफ युवाओं पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के नाम पर सड़कों को नुकीले तारों से घेरा जा रहा है।
‘मुख्यमंत्री आवास को किले में बदल दिया गया’
केंद्रीय राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन मार्च से पहले रांची के कई हिस्सों में नुकीले तारों वाली बैरिकेडिंग की गई थी। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री आवास के आसपास की सड़कों को भी इसी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। संजय सेठ ने कहा कि सरकार को प्रदर्शन कर रहे युवाओं की मांगों को सुनना चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए।
#WATCH | Delhi: Union MoS Sanjay Seth says, "When blood was shed in Jharkhand, Rahul Gandhi didn't even go to witness it, and now things have gone too far. FIRs have been filed against approximately 600 youths. Why were FIRs filed? Those youths had gone to protest peacefully.… pic.twitter.com/hoAYhBeDyj
— ANI (@ANI) August 13, 2026
परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी उठाया मुद्दा
संजय सेठ ने सीडीपीओ परीक्षा का जिक्र करते हुए प्रमोद कुमार पाठक को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पाठक परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहे और उनका संबंध उत्तर प्रदेश के कथित ‘सॉल्वर गिरोह’ से रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपराधिक रिकॉर्ड और जेल जाने के बावजूद संबंधित व्यक्ति झारखंड सरकार में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए संबंधित दावों की आधिकारिक जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
‘CBI जांच के अलावा किसी और चीज से संतुष्टि नहीं’
संजय सेठ ने कहा कि परीक्षा से जुड़े विवाद और कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच की मांग की जा रही है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “CBI जांच के अलावा किसी और चीज से हमें संतुष्टि नहीं मिलेगी।” उनके मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
झारखंड में परीक्षा विवाद पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का विरोध लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। संजय सेठ के ताजा बयान के बाद सीबीआई जांच की मांग को लेकर राजनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।
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