नई दिल्ली, भारत: देशभर में कई हफ्तों तक चले लगातार विरोध प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक चले कठिन भूख हड़ताल आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों, खासकर नीट-यूजी परीक्षाओं को लेकर बढ़ते देशव्यापी असंतोष के बीच सामने आया है।
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस घटनाक्रम को भारत में सीधे नागरिक आंदोलन और लोकतांत्रिक कार्रवाई की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कॉकroach जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्र संगठनों के साथ मिलकर भूख हड़ताल का नेतृत्व किया था। समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के युवाओं और नागरिकों के धैर्य और संघर्ष की सराहना की। उन्होंने लिखा, “यह लोकतंत्र की जीत है। सीधी लोकतांत्रिक आवाज... सीधे सड़कों से। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी, देश के जेनरेशन जेड और उन सभी नागरिकों को बधाई, जिन्होंने डर और डर के डर को पीछे छोड़कर देश के हर कोने से आवाज उठाई। अब जवाबदेही से सुधारों की ओर।”
IT'S A VICTORY OF DEMOCRACYdirect democracy... straight from the streets.It's a victory of peace, patience & persévérance.Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation.… pic.twitter.com/rSLOfvba2R
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 25, 2026
‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ को हराने के लिए दिया इस्तीफा
वांगचुक ने कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराना जरूरी था, लेकिन अब अंतिम लक्ष्य भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और बुनियादी सुधार होना चाहिए। उनकी यह प्रतिक्रिया केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आई। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों से पैदा हुई स्थिति का इस्तेमाल ‘राष्ट्र-विरोधी ताकतों’ द्वारा न किया जा सके।
मंत्री के इस्तीफे का स्वागत करते हुए सीजेपी ने कहा कि उसकी मांगें पूरी होने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा। समर्थकों को संबोधित करते हुए सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने कहा, “कहा जाता था इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए। हमने कर दिखाया।” उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में किसी केंद्रीय मंत्री का पहला इस्तीफा बताया।
जब तक सारी मांगे पूरी नहीं होती, तब तक जारी रहेगा आंदोलन- अभिजीत दिपके
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद विरोध प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया और नारे लगाए। अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक बाकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। इनमें परीक्षा से जुड़े मुद्दों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले दिल्ली पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शामिल है।
सीजेपी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी एक मांग के पूरा होने का संकेत है, लेकिन दो प्रमुख मांगें अभी लंबित हैं। इनमें प्रभावित परिवारों को मुआवजा और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने का आश्वासन शामिल है। अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों और देश के व्यापक हित में यह फैसला लिया है। सीजेपी ने लिखा, “जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में जो स्थिति पैदा हुई है, उसका इस्तेमाल राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। देश की एकता कायम रहनी चाहिए। भारत के हर छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों में नहीं फंसना चाहिए।”
नीट पेपर लीक का पता चलते ही मामला सीबीआई को सौंपा गया- धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्हें हमेशा देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी शक्ति पर विश्वास रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए घटनाक्रम से उन्हें गहरा दुख हुआ है। नीट-यूजी विवाद पर सरकार के रुख का बचाव करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 3 मई, 2026 को आयोजित परीक्षा में अनियमितताएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंप दी थी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि 21 जून को दो करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस दौरान राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों, अभिभावकों और अभिभावकों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि पारदर्शिता मजबूत करने के लिए अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी मोड में आयोजित की जाएगी। इस बीच, केंद्र सरकार देशभर में परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए एक सख्त एंटी-पेपर लीक कानून लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों, विशेष कार्यबल यानी एसटीएफ और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए कई अन्य प्रावधान शामिल होंगे।
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